अगर यहाँ नहा लिए पति-पत्नी साथ तो बढ़ जाएँगे मतभेद

पति-पत्नी से जुड़े चुटकले, लड़ाई-झगड़े के किस्से अक्सर हम पढ़ते रहते हैं. इनमें कई बार ‘पत्नी पीड़ित’ और ‘पत्नी से मुक्ति’ जैसे जुमलों का इस्तेमाल भी किया जाता है. सात जन्मों तक साथ निभाने के इस रिश्ते को लेकर जहां अलगाव के कई किस्से हैं, तो आपसी प्यार और त्याग की भी कई कहानियां हैं. वहीं आस्था और जीवन के यथार्थ का दर्शन कराने वाली शिव नगरी काशी में एक घाट ऐसा भी है, जिसे ‘पत्नी मुक्ति घाट’ भी कहा जाता है.

काशी के इन 84 घाटों में से एक है कुवाई घाट. इस घाट के बारे में वहां के पुरोहितों का कहना है कि यहां पर पति-पत्नी साथ में स्नान नहीं करते. अगर वे ऐसा करते हैं तो दोनों में मतभेद बढ़ जाते हैं. यहां तक कि यह रिश्ता ही हमेशा के लिए खत्म हो जाता है. बनारस के स्थानीय लोग अब इसे ‘पत्नी मुक्ति’ घाट भी कहने लगे हैं. हालांकि ऐसा क्यों होता है, इसके बारे में कोई खास जानकारी नहीं है. लेकिन जो भी पति-पत्नी घाट के पास से गुजरते हैं तो पुरोहित उन्हें पहले से ही अगाह कर देते हैं.

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