अपनी दमदार Acting से दर्शको को गुदगुदाने वाले संजय मिश्रा के यह है फेमस डायलॉग

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अभिनेता संजय मिश्रा जो कि, बॉलीवुड फिल्मो के सफलतम अभिनेताओं में शुमार है. संजय मिश्रा का जन्म 6 अक्टूबर 1963 को बिहार के दरभंगा में हुआ था. संजय मिश्रा ने बॉलीवुड की अनगिनत सफलतम फिल्मो में अपने दमदार अभिनय की छाप को छोड़ा है. आज भी संजय मिश्रा बॉलीवुड की फिल्मो में खासा सक्रिय है. संजय मिश्रा ने अपनी फ़िल्मी करियर की शुरुआत साल 1995 की हिंदी फिल्म “ओह डार्लिंग ये है इंडिया’ में काम किया. इस फिल्म में इन्होने एक हार्मोनीयम प्लेयर की छोटी सी भूमिका अदा की थी. उसके बाद इन्होने फिल्म ‘सत्या’ और ‘दिल से’ में काम किया, इसके अलावा इन्होने और भी ऐसी बहुत सारी कॉमेडी फिल्में की जिसके कारण आज बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में एक खास पहचान बनाई. आपको बता दे कि, फिल्म ‘आंखों देखी’ में संजय मिश्रा ने जिस खूबी और संवेदनशीलता के साथ एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति के किरदार को निभाया है उसकी तारीफ फिल्म समीक्षकों ने खुले दिल से की है. लेकिन संजय मिश्रा की पहचान सिर्फ ‘आंखों देखी’ के बाबूजी के तौर पर ही नहीं है. ‘फंस गए रे ओबामा’ जैसी हास्य फिल्म में भी उन्होंने अपनी छाप छोड़ी.
ये है अभिनेता संजय मिश्रा के कुछ फेमस डायलॉग्स

‘लकी कबूतर’
लड़की ख़ूबसूरत हो और स्कूटी पर हो तो प्यार हो जाता है और जब लड़की बदसूरत हो और मर्सडीज में हो तो प्यार झक मार के करना पड़ता है.

‘दिलवाले’
तो क्या मैं तेरा आधार कार्ड बनवाऊ क्या बे…

‘फटा पोस्टर निकला हीरो’
बड़ा सोचोगे फिर बड़ा बनोगे…

‘गॉड तुस्सी ग्रेट हो’
तकदीर खराब हो तो ऊंट पर बैठे बोने आदमी के पैर में भी कुत्ता काट ले…

‘फंस गए रे ओबामा’
इंसानियत का फ़र्ज़ है एक दूसरे के काम आना…

‘सारे जंहा से महंगा’
महंगी सिर्फ चीज़े ही नहीं होती बल्कि उसके साथ सब कुछ महंगा हो जाता है रिश्ता भी नाता भी प्यार भी हंसी भी…

‘सारे जंहा से महंगा’
पहले जो है प्याज काटने में आंसू आते थे अब तो प्याज खरीदने में भी आने लगे हैं…

‘गोलमाल’
ढ़ोंडू जस्ट चिल..ऑटो निकाल…

‘वार छोड़ ना यार’
तैरना है तो समुन्दर में तैरो तालाबों में क्या रखा है और प्यार करना है तो मुझसे करों जनानियों में क्या रखा हैं…

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