एग्जाम तभी दूंगा जब पेपर दिखाया जाएगा…

जानकारी पाने की आजादी सबको है, पर अगर ये आजादी प्रशासन की ही नाक में दम कर दें तो क्या कहेंगे? यूं तो कई मामलों में आरटीआई के जरिए मांगी गई जानकारी देने में प्रशासन के हाथ पांव फूल जाते हैं, पर अगर कोई छात्र ये कह दे कि वो पेपर तभी देगा जब उसे पेपर पहले से दिखा दिया जाए तो? कुछ ऐसा ही हुआ है जर्मनी में, जहां एक छात्र ऐसी ही अजीबो-गरीब मांग के चलते सुर्खियों में है.

जर्मनी के 17 साल के छात्र सिमोन स्च्रैडर ने प्रशासन की नाक में ऐसी ही मांग के चलते दम कर रखा है. वो फ्रीडम टू इंफॉर्मेशन की आड़ में सभी सवालों को परीक्षा में बैठने से पहले जानने की मांग कर रहा है. सिमोन स्च्रैडर ने जर्मनी की ऑनलाइन जानकारी सेवा फ्रैड़ेन्स्टाट.डे(राज्य से पूछो) पर ये शर्त रखी है. उसने शिक्षा मंत्रालय से प्रश्नपत्र दिखाने की मांग की है. प्रशासन छात्र के इस पैंतरे से परेशान है. हालांकि उसके सवाल का जवाब देने के लिए प्रशासन के पास एक माह का समय था, पर उसने अपनी परीक्षा दे दी है.

यही नहीं, इस अजीब सी शर्त के चलते उसके पास नौकरी का भी ऑफर आ चुका है. हालांकि छात्र ने आगे पढ़ाई पर ध्यान देने और अभी किसी नौकरी को शुरू करने से इनकार कर दिया है.

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