मैंने कानून का रास्ता चुना था ना कि तीन तलाक का : सैफ

देश में अभी जब तीन तलाक का मुद्दा हॉट केक बना हुआ है. और मुस्लिम समुदाय की महिलाएं इस प्रथा के खिलाफ आवाज उठा रही हैं, वहीं कई मुस्लिम संगठन इसमें किसी भी तरह की तब्दीली के सख्त खिलाफ हैं. अभिनेता सैफ अली खान ने तीन तलाक की प्रथा का विरोध किया है. सैफ ने कहा है कि उन्होंने भी पहले भी निकाह किया था और फिर तलाक भी दिया है लेकिन उन्होंने इसके लिए कानून का रास्ता चुना था ना कि तीन तलाक का. सैफ अली खान ने कहा है कि उन्होंने अभिनेत्री करीना कपूर से शादी भारत सरकार के कानून प्रावधानों के तहत की थी.

कार्यक्रम में सैफ अली खान ने तीन तलाक पर अपने विचार रखते हुए कहा, ‘ मैने निकाह किया है और तलाक भी दिया है, लेकिन मैं नहीं सोचता हूं कि तीन तलाक इसका रास्ता था, मेरे ऊपर मेरी पूर्व पत्नी और और बच्चों के प्रति मेरी जिम्मेदारी थी. इसलिए मैं तीन तलाक की प्रथा से सहमत नहीं हूं क्योंकि मैंने कभी इसे अपनाया नहीं.’ सैफ अली खान के मुताबिक ऐसी परिस्थितियों के लिए भारतीय संविधान में स्पेशल मैरिज एक्ट बना हुआ है. एक्टर सैफ ने कहा कि मैंने और करीना ने कानूनन शादी की.

सैफ अली खान ने दुनिया भर में बढ़ रहे इस्लामोफोबिया पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि वे अपनी धार्मिक पहचान की वजह से कभी भी किसी परेशानी के शिकार नहीं हुए, लेकिन दुनिया भर में इस्लाम के प्रति बढ़ते नफरत से वे चिंतित जरूर हैं. सैफ अली खान ने कहा, ‘ऐसा महसूस होता है कि आपके साथ भेदभाव किया जाएगा, आपको जबरन सताया जाएगा, और इसमें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आप कौन हैं?’ सैफ ने कहा कि जबकि ‘मुस्लिम’ ‘यूहदी’ जैसी कोई बात होती नहीं है. अपनी चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा, ‘ हमलोग मुसलमान का एक चित्र खीचतें हैं उसमें कुछ विशेष पहलू भर देते हैं, जैसे कि वे लोग ये करते हैं , ऐसा नहीं करते हैं. सैफ के मुताबिक हम सभी लोग अलग अलग शख्सियत हैं लेकिन जब हमें मुस्लिम कहकर पुकारा जाता है तो ये बड़ा भयानक है, इसका ये मतलब होता है कि हम सभी कि एक ही मान्यताएं हैं, एक ही विशेषता है जिसका आसानी से वर्णन किया जा सकता है.

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