यदि आप भी मीठा और चिकना खाना खाते हो तो हो जाइये सावधान…

अच्छी सेहत के लिए ज़रूरी है कि आप पौष्टिक खाना खाए। इस बात का ध्यान रखिए कि आपके खाने में नमक, चिकनाई और मीठा सही मात्रा में हो और आप ज़रूरत से ज़्यादा खाना न खाएँ। तरह-तरह की फल और सब्ज़ियाँ खाएँ।

ज़्यादा मीठा और चिकना खाना खाने से मोटे होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए शरबत और कोल्ड-ड्रिंक पीने के बजाय पानी पीएँ। कुछ मीठा खाने के बजाय ज़्यादा फल खाएँ। मांस, मक्खन, केक, चीज़ और बिस्कुट जैसी चीज़ें ज़्यादा मात्रा में न खाएँ, जिनमें चिकनाहट होती है। खाना बनाने के लिए मक्खन, वनस्पति घी जैसी चीज़ों का इस्तेमाल करने के बजाय, ऐसे तेल का इस्तेमाल कीजिए जो सेहत के लिए फायदेमंद हो। खाने में ज़्यादा नमक लेने से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, जो सेहत के लिए नुकसानदेह है।

अगर आपका ब्लड प्रेशर ज़्यादा है, तो खाने की चीज़ें खरीदते वक्तह पैकेट पर दी जानकारी देखिए कि उनमें कितना नमक है। आप जो खाते हैं उसका तो असर आपकी सेहत पर पड़ता ही है, लेकिन आप कितना खाते हैं वह भी बहुत मायने रखता है। खाने का पूरा-पूरा मज़ा लीजिए, लेकिन उतना ही खाइए जितनी आपको भूख है। अगर खाना सही तरह से तैयार न किया गया हो या ठीक से रखा न गया हो, तो तबियत खराब हो सकती है। जहाँ सब्ज़ियाँ उगायी गयी हैं, हो सकता है वहाँ खाद डाली गयी हो, इसलिए उन्हें पकाने से पहले अच्छी तरह धो लें।

खाना पकाने से पहले अपने हाथों को, जिस पर आप सब्ज़ी काटते हैं, पकाने की जगह और बरतनों को गर्म पानी और साबुन से अच्छी तरह धो लें । अगर किसी बर्तन में कच्चा अंडा या कच्चा मांस या मछली रखी हुई थी, तो उस बर्तन को धोने के बाद ही उसमें खाना रखें। खाने को अच्छी तरह पकनें दे। अगर आप जल्दी खराब होनेवाली चीज़ों को समय पर नहीं खाया तो उसी वक्तअ उन्हें फौरन फ्रिज में रख दें ।

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