हर नई सुबह के साथ यहाँ लग जाता है जिस्म का बाजार

Seventeen-year-old prostitute Hashi, embraces a customer inside her small room at Kandapara brothel in Tangail, a north-eastern city of Bangladesh, March 4, 2012. Hashi is working as a prostitute at Kandapara brothel in Tangail for the last twelve years. She earns about 800-1000 Taka daily ($9.75 - $12.19) servicing around 15-20 customers every day. It is common practice among prostitutes to take steroids like Oradexon to appear attractive. Oradexon is a drug usually used by farmers to fatten up their cattle. Picture taken March 4, 2012. REUTERS/Andrew Biraj (BANGLADESH)

“वैश्यालय की जिंदगी और बदनामी का दाग”, यह शायद आज हर एक वैश्या की कहानी बन गई है. देश की राजधानी दिल्ली भी इस दाग से अछूती नहीं रह गई है. जी हाँ, दिल्ली के दामन में दाग लगाने का काम करता है जीबी रोड पर चल रहा वैश्यालय का बाजार. यहाँ का वैश्यालय ना केवल एक बड़े लेवल पर काम कर रहा है बल्कि यह देश के सबसे बड़े बाजारों में से भी एक है. यहाँ वेश्याए खुले तौर पर अपने जिस्म का सौदा करती है.

ऐसा नहीं है कि सरकार या पुलिस को इस बारे में पता नहीं है और वे इसे रोकने को कुछ नहीं करते है. कई बार यहाँ पुलिस की रेड भी देखने को मिलती है. पुलिस आती है और कई लड़कियों को इकट्ठा करती है, उन्हें चेक करती है. लेकिन अचरज की बात यह है कि ये सब भी यहाँ जानते है कि पुलिस के आने पर उन्हें क्या करना है और पुलिस से क्या बात करना है.

यहाँ तक की पुलिस को भी इस बारे में पता होता है कि उन्हें कहाँ तलाशी लेना है. इसके बाद अगला दिन फिर एक नई सुबह के साथ शुरू होता है और फिर से वही जिस्म का सौदा शुरू हो जाता है. फिर लड़कियां उन खिड़कियों से झांकते हुए अपने ग्राहकों को आवाज़ लगाने लग जाती है. अपने चेहरे को मेकअप से ढंककर बाहर आती है और दरवाज़े पर खड़ी हो जाती है अपने चेहरे पर एक लुभाती मुस्कराहट के साथ.

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