हिंदी दिवस स्पेशल : बॉलीवुड में शुद्ध हिंदी है कॉमेडी का एक अच्छा जरिया….

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आज देश भर में ‘हिंदी दिवस’ मनाया जा रहा है, लेकिन हिंदी फिल्‍मों की बात करें तो यहां ‘शुद्ध हिंदी’ बोलने वाले किरदार मजाक का पात्र होते हैं और अक्‍सर कॉमेडी के लिए इस्‍तेमाल किए जाते हैं. बॉलीवुड में कई ऐसी फिल्में आईं जहां हिंदी को महत्व दिया गया. ये फिल्म हिट ही नहीं सुपर डुपर हिट साबित हुईं. एक तरफ जहां बॉलीवुड हॉलीवुड के पीछे भाग रहा है और उनकी फिल्मों को कॉपी कर रहा है. वहीं इन फिल्मों ने हिंदी को सब्जेक्ट बनाया और उस पर फिल्म बनाई. विश्वभर में बाॅलीवुड के प्रशंसक बड़े पैमाने पर मौजूद हैं. हिंदी के प्रचार प्रसार में साहित्य अकादमी, राजभाषा संघर्ष समिति आदि संस्थाओं ने भी अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है. हिंदी को पाठ्यक्रम के तौर पर अमेरिका की 45 यूनिवर्सिटीज़ में भी पढ़ाया, जाता रहा है। साथ ही विश्वभर में लगभग 175 विश्वविद्यालय में हिंदी का अध्ययन किया जाता है. हिंदी के विस्तार की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि, इस भाषा ने समय के साथ स्वयं में कुछ बदलाव कि. हिंदी दिवस के मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसी फिल्मों के बारे में जिन्हें देख आपको भी होगा हिंदी भाषी होने पर गर्व…

इंग्लिश विंग्लिश
‘इंग्लिश विंग्लिश’ फिल्म में लीड रोल श्रीदेवी ने निभाया है, जिसका नाम शशि है. जो अंग्रेजी भाषा में अपने आपको व्यक्त नहीं कर पाती. उसकी 12 साल की लड़की पैरेंट्स-टीचर मीटिंग में अपनी मां को ले जाने में शर्मिंदगी महसूस करती है. शशि अपनी बहन की बेटी की शादी के लिए न्यूयॉर्क जाती है और वहां अंग्रेजी सीखने का फैसला करती है.

हिंदी मीडियम
इस फिल्म की कहानी दिल्ली में रहने वाले एक व्यापारी राज बत्रा की है, जो दिल्ली में शादी में उपयोग होने वाले कपड़ों का व्यापार करते रहता है. वह अमीर होता है, लेकिन अच्छी तरह अंग्रेजी नहीं जानता. फिल्म में इरफान खान और सबा कमर लीड रोल में हैं. ‘हिंदी मीडियम’ अंग्रेजी बोलने वालों और न बोलने वाले के बीच के अंतर और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है.

नमस्ते लंदन
‘नमस्ते लंदन’ में भला अक्षय कुमार की वो स्पीच कैसे भुलाई जा सकती है उन्होंने कैटरीना कैफ की सगाई के दौरान दी थी जिसमें भारत की सभ्यता के साथ साथ हिंदी का महत्व समझाया था. इससे ना सिर्फ फिल्म में कैटरीना उनसे इंप्रेस हो गई थी बल्कि हिंदी प्रेमियों ने भी हॉल में खड़े होकर तालियां बजाई थीं. फिल्म में बताया गया है कि अंग्रेजी बोलने वाले ही क्लासी नहीं होते. हिंदी बोलने वाले भी बाजी मार सकते हैं.

गोलमाल
साल 1979 में आई अमोल पालेकर की फिल्म ‘गोलमाल’ में भी बड़े ही रोचक ढंग से हिंदी के महत्व को समझाया गया है. फिल्म में उनके साथ उत्पल दत्त, बिन्दिया गोस्वामी, दीना पाठक, ओम प्रकाश, युनुस परवेज औऱ अमिताभ बच्चन ने भी अहम किरदार निभाया था.

चुपके चुपके
साल 1975 में आई फिल्म ‘चुपके चुपके’ एक कॉमेडी फिल्म है जो हिन्दी के इर्द गिर्द घूमती है. इस फिल्म में धर्मेंद्र, शर्मिला टैगोर, अमिताभ बच्चन, जया बच्चन और ओम प्रकाश लीड रोल में हैं.

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