उठो जागो और अपनी शक्ति को पहचानो - स्वामी विवेकानंद स्वामी विवेकानंद एक ऐसा व्यक्तित्व है जो युवाओं के लिए हमेशा से ही प्रेरणादायक रहा है। स्वामी विवेकानंद का जन्म 12 जनवरी 1863 को हुआ था। इनके बचपन का नाम नरेन्द्रनाथ दत्त था। विवेकानंद ने जातिवाद, शिक्षा, राष्ट्रवाद आदि पर अपने विचार प्रस्तुत किए है। स्वामी विवेकानंद के विचार देश के युवाओं के लिए ऊर्जा का स्त्रोत है। उन्होंने अपने भाषणों से दुनिया को भारतीय दर्शन और आध्यात्मिकता की गहराई से परिचित करवाया है। 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है। राष्ट्रीय युवा दिवस देश के युवाओं को समर्पित है, जिसमें देश की 15 से 29 वर्ष की जनता सम्मिलित है। राष्ट्रीय युवा दिवस को मनाने की शुरुआत 1984 से की गई थी। इस दिन का उद्देश्य युवाओं को स्वामी विवेकानंद के कार्यों और विचारों से अवगत करवाना और अपनी जिम्मेदारी का बोध करवाना है।
इस दिन विद्यालयों और महाविद्यालयों में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन होता है जिसमें सांस्कृतिक कार्यक्रम, भाषण प्रतियोगिताएं, संगीत कार्यक्रम, युवा सम्मलेन आदि सम्मिलित है। स्कूलों में राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य में सुबह की प्रार्थना सभा में स्वामी विवेकानंद के जीवन पर आधारित नाटक प्रस्तुत किए जाते है। निबंध, पोस्टर-निर्माण, कविता, वाद-विवाद और क्विज़ प्रतियोगिताएं आयोजित कर शारीरिक और मानसिक फिटनेस हेतु योग और ध्यान सत्र जैसी गतिविधियों का आयोजन भी किया जाता है। इसके साथ इस दिन शहरों में रैलियों का भी आयोजन किया जाता है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को स्वामी विवेकानंद के आदर्शों जैसे शक्ति, निडरता, सेवा, चरित्र और राष्ट्र-निर्माण से प्रेरित करना है। युवाओं को बड़ा मंच देने के लिए भारत सरकार राष्ट्रीय युवा उत्सव भी आयोजित करती है, जो इसी अवसर से जुड़ा होता है। यह आमतौर पर 12 जनवरी से 16 जनवरी के मध्य मनाया जाता है, जिसको राष्ट्रीय युवा सप्ताह के नाम से भी जाना जाता है। वर्ष 2026 में 'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग' के तहत 29वें राष्ट्रीय युवा उत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसमे 15-29 आयु वर्ग के युवा भाग लेंगे। इस कार्यक्रम के तहत विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से हजारों युवा सांस्कृतिक, शैक्षिक और खेल गतिविधियों में भाग लेते है। इस कार्यक्रम के माध्यम से सरकार युवाओं के अंदर राष्ट्र प्रेम, आत्मनिर्भरता आदि गुणों के विकास हेतु सहायता प्रदान करती है।