दिल्ली में अरुणाचल प्रदेश की 3 महिलाओं से बदसलूकी और नस्लीय भेदभाव, आरोपी दंपति गिरफ्तार

Highlights दिल्ली के मालवीय नगर में अरुणाचल प्रदेश की 3 महिलाओं से नस्लीय बदसलूकी का मामला सामने आया। एसी की ड्रिलिंग से शुरू हुआ विवाद गाली-गलौज और अपमानजनक टिप्पणियों तक पहुंचा। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार किया।

दिल्ली के मालवीय नगर से हाल ही में एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है, जहां अरुणाचल प्रदेश की 3 महिलाओं के साथ बदसलूकी और नस्लीय भेदभाव किया गया। मामला तब बढ़ा जब एक मामूली बात को लेकर पड़ोसी पति-पत्नी ने महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। दरअसल, पूरी घटना 20 फरवरी की दोपहर की है। मालवीय नगर के एक अपार्टमेंट की चौथी मंजिल पर रहने वाली तीन महिलाएं अपने फ्लैट में एसी लगवा रही थीं। दीवार में ड्रिलिंग के दौरान कुछ धूल और मलबा नीचे की मंजिल पर रहने वाले रूबी जैन और हर्ष सिंह के हिस्से में गिर गया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हुई, जो जल्द ही विवाद में बदल गई।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी पति-पत्नी ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि पूर्वोत्तर भारत को लेकर भी आपत्तिजनक और नस्लीय टिप्पणियां कीं। पीड़ित महिलाओं को “मोमो” और “500 रुपए में मसाज पार्लर में काम करने वाली धंदेवाली” जैसे अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया गया। महिलाओं का आरोप है कि उन्हें “गटर-छाप” कहा गया और उनके चरित्र पर भी सवाल उठाए गए। घटना के बाद पीड़ित महिलाओं ने कहा कि वे डरी हुई हैं और दिल्ली में खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं।

मामले के तूल पकड़ने के बाद मालवीय नगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई और आरोपी दंपति को गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना की चौतरफा निंदा हो रही है। मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने एक्स पर लिखा, “ऐसा व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य है और हमारे लोकतांत्रिक राष्ट्र में इसकी कोई जगह नहीं है। किसी भी उत्तर-पूर्वी नागरिक के खिलाफ नस्लवाद हमारी सामूहिक गरिमा पर हमला है। मैं इस कृत्य की कड़ी निंदा करता हूं।” इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू समेत पूर्वोत्तर के कई नेताओं ने भी इस घटना पर कड़ा ऐतराज जताया। रिजिजू ने कहा, “यदि हमारे पूर्वोत्तर के लोगों को निशाना बनाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

भारत जैसे देश में इस तरह की घटनाएं निंदनीय हैं। केवल पूर्वोत्तर भारत ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के लोगों के साथ भी भेदभाव और उनके खिलाफ गलत टिप्पणियों की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसी घटनाओं पर रोक लगना बेहद जरूरी है, वरना इसके दूरगामी और गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।

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