AI Summit प्रदर्शन मामले में 9 यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मिली जमानत, कोर्ट ने कहा ये सांकेतिक विरोध

Highlights दिल्ली कोर्ट ने AI Summit में विरोध प्रदर्शन करने वाले 9 यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दी जमानत। अदालत ने कहा कि प्रदर्शन राजनीतिक असहमति था, कोई संगठित अपराध नहीं। कोर्ट के मुताबिक विरोध के दौरान न तो हिंसा हुई और न ही संपत्ति को नुकसान पहुंचा।

​दिल्ली की एक अदालत ने हाल ही में "India AI Impact Summit" के दौरान विरोध प्रदर्शन करने वाले भारतीय यूथ कांग्रेस (IYC) के 9 कार्यकर्ताओं को जमानत दे दी है। कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए एक बहुत महत्वपूर्ण टिप्पणी की और कहा कि ये विरोध प्रदर्शन राजनीतिक असहमति का एक हिस्सा था, न कि कोई संगठित अपराध। ये मामला 20 फरवरी का है, जब नई दिल्ली के भारत मंडपम में AI Summit चल रही थी। इस बड़े अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान IYC के 9 कार्यकर्ता अंदर पहुंच आए और शर्टलेस होकर प्रदर्शन करने लगे। उनकी टी-शर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर थी और उस पर "Compromised PM" लिखा हुआ था। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि भारत-अमेरिका व्यापार व्यापार समझौते में देश के हितों के साथ समझौता किया गया है।

पटियाला हाउस कोर्ट के मजिस्ट्रेट ने अपने फैसले में कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान लगाए गए नारे भड़काऊ नहीं थे। उनमें कोई धार्मिक या क्षेत्रीय रंग नहीं था। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि प्रदर्शन के दौरान किसी भी सम्पत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाया गया था। अदालत ने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों को सुरक्षाकर्मियों द्वारा बाहर निकाला गया और इन लोगों का प्रदर्शन एक सांकेतिक विरोध था। वहां आए विदेशी मेहमानों के बीच भी किसी तरह की कोई भगदड़ नहीं मची। पुलिस ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि इन प्रदर्शनकारियों ने देश की छवि खराब करने की कोशिश की और सुरक्षा में सेंध लगाई। पुलिस ने यह भी दावा किया की प्रदर्शनकारियों ने वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों के साथ हाथापाई भी की, जिससे कई लोग चोटिल भी हो गए थे।

जमानत पाने वाले आरोपियों में कृष्णा हरि, नरसिम्हा यादव, कुंदन कुमार यादव, अजय कुमार सिंह, जीतेंद्र सिंह यादव, राजा गुर्जर, अजय कुमार विमल उर्फ ​​बंटू, सौरभ सिंह और अरबाज खान शामिल है। इसके अलावा भारतीय यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब को इस मामले में पहले ही जमानत मिल चुकी है। इस फैसले पर भारतीय यूथ कांग्रेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि, "लोकतंत्र को जिंदा रखने वाली न्यायपालिका के हम आभारी है और ये लड़ाई शांतिपूर्ण तरीके से और गति पकड़ेगी, तब तक जब तक देश के किसानों और युवाओं को तबाह करने वाली भारत विरोधी ट्रेड डील रद्द नहीं हो जाती।"

Related News