अमित शाह ने आज कारगिल में प्रतिदिन 10 हजार लीटर क्षमता वाले डेयरी प्रोसेसिंग प्लांट की रखी आधारशिला

Highlights इस कार्यक्रम से पूर्व, गृह मंत्री अमित शाह ने भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में भाग लिया। उन्होंने जनता को संबोधित भी किया और सभी को बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं दी। अमित शाह ने आज मोबाइल लैब, बल्क मिल्क कूलर और एप आधारित मिल्क कलेक्शन सिस्टम का भी शुभारंभ किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 30 अप्रैल और 1 मई को लद्दाख के दो-दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने लेह में, बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष (Holy Relics) की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी में भाग लिया। इसके बाद उन्होंने कारगिल में प्रतिदिन 10 हजार लीटर (TLPD) क्षमता वाले डेयरी प्रोसेसिंग प्लांट की आधारशिला रखी। गृह मंत्री शाह ने इस दौरान वहां उपस्थित लोगों को भी संबोधित किया। कार्यक्रम में उनके साथ मंच पर लद्दाख के उपराज्यपाल (LG) विनय कुमार सक्सेना, केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी विभाग के कैबिनेट मंत्री राजीव रंजन सिंह, इसी मंत्रालय के राज्य मंत्री एस. पी. सिंह बघेल और जॉर्ज कुरियन और लद्दाख के सांसद मोहम्मद हनीफा समेत कई अन्य लोग भी मौजूद थे।

अपने संबोधन में उन्होंने सर्वप्रथम सभी को बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं दी और कहा कि, "भगवान बुद्ध का अंतिम उपदेश 'अप्प दीपो भव' अर्थात् खुद ही दीपक बनकर दुनिया और आत्मा को प्रकाश दीजिए। यह उपदेश किसी भी व्यक्ति को ऊर्ध्वगति देने के लिए प्रेरणास्वरूप है। आज यहां पर भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष जनता के दर्शन के लिए रखे गए हैं। मेरा लेह, लद्दाख और कारगिल के सभी निवासियों से आग्रह है कि 75 वर्षों बाद आया यह अवसर सभी के जीवन में महत्वपूर्ण है, इसलिए सभी लोग इसका लाभ अवश्य उठाएं।"

उन्होंने आगे बताया, "आज जिस प्रोसेसिंग प्लांट का शिलान्यास हुआ है, उसकी क्षमता 10 हजार लीटर दूध, इतनी ऊंचाइयों पर प्रतिदिन प्रोसेस करने की क्षमता है। मै कारगिल की माताओं-बहनों को अभिनंदन देना चाहता हूँ कि आप आपके जीवन में इस डेयरी प्लांट के माध्यम से उजियारा ला सकते हैं, परिवार की भी मदद कर सकते हैं और आप सभी आत्मनिर्भर भी बन सकते हैं।" केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज लद्दाख में मोबाइल लैब, बल्क मिल्क कूलर और एप आधारित मिल्क कलेक्शन सिस्टम का भी शुभारंभ किया। इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए उन्होंने लिखा, "ये पहल किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक ठोस कदम हैं, जो रियल-टाइम भुगतान, मिल्क कलेक्शन और क्वालिटी कंट्रोल को संभव बनाती हैं।"

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