असम, पश्चिम बंगाल, केरलम, पुडुचेरी और तमिलनाडु में चुनाव सम्पन्न हो चुके हैं। इस बार सभी राज्यों में टोटल वोटर टर्नआउट पिछली बार की तुलना में अधिक ही रहा है। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में तो, मतदान प्रतिशत में 10% से 13% के बीच वृद्धि हुई है। हालांकि अधिकांश लोगों की नजरें, असम और पश्चिम बंगाल पर ही बनी हुई है। दोनों ही राज्यों में BJP सरकार बनने की प्रबल संभावना जताई जा रही है और हर व्यक्ति नतीजों के ही दिन की प्रतीक्षा कर रहा है। एक नजर असम के कुछ प्रमुख चेहरों और उनके विधानसभा क्षेत्रों पर, जिन्होंने इन चुनावों में अपनी किस्मत आजमाई है।
असम से यदि किसी का नाम सबसे पहले आता है, तो वो है भारतीय जनता पार्टी (BJP) से मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा का। वो एक बार फिर जलुकबारी से खड़े हैं और इस बार उनके सामने कांग्रेस की बिदिशा नियोग उतरी हैं। सीएम हिमंता 2001 से लगातार इस सीट पर बड़े अंतर से जीतते हुए आ रहे हैं। 2021 में वो, 1 लाख से अधिक वोटों के अंतर से जीतकर आए थे। इस बार भी उनकी जीत लगभग तय ही मानी जा रही है। अब बस देखना ये है कि उनका विनिंग मार्जिन कितना होगा।
सीएम हिमंता के बाद अगला नंबर है कांग्रेस के सांसद गौरव गोगोई का। गौरव 2014 से 2024 तक कलियाबोर से और 2024 से जोरहाट से सांसद हैं। उन्होंने इस बार जोरहाट की विधानसभा सीट से भी चुनाव लड़ा है। गौरव पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के बेटे हैं और कांग्रेस से एक चर्चित सीएम फेस हैं। इस सीट पर BJP ने हितेंद्र नाथ गोस्वामी को उतारा है, जो पूर्व में 1991 से 2006 तक असम गण परिषद (AGP) से और फिर 2016 से अब तक BJP से विधायक हैं। गोस्वामी 2017 से 2021 तक असम विधानसभा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। दोनों ही पार्टियों ने इस सीट पर बड़े चेहरों को उतारा है और मुकाबला काफी दिलचस्प है। नतीजों के दिन ही पता चलेगा कि अंत में किसने बाजी मारी है।
प्रदेश के प्रमुख चेहरों में एक नाम प्रद्युत बोरदोलोई का भी है। बोरदोलोई ने हाल ही में कांग्रेस का साथ छोड़कर BJP का दामन थामा है और पार्टी ने उन्हें दिसपुर सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस ने उनके सामने मीरा बोरठाकुर गोस्वामी को उतारा है। प्रद्युत 1998 से 2016 तक मार्घेरिटा से विधायक और 2019 से 2026 तक नगांव से सांसद रह चुके हैं। पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई की कैबिनेट में वो मंत्री भी रह चुके हैं। दिसपुर सीट से उनकी विजय की तगड़ी संभावना जताई जा रही है।
कांग्रेस से BJP में आए चेहरों में एक दिग्गज नेता भूपेन कुमार बोरा भी हैं। बोरा 2021 से 2025 तक असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (APCC) के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। BJP ने उन्हें बिहपुरिया सीट से उतारा है, जहां वो 2006 से 2016 तक विधायक रह चुके हैं। कांग्रेस ने उनके सामने नारायण भुइयां को उतारा है। इस सूची में अगला नाम है, असम कैबिनेट में मंत्री रणजीत कुमार दास का। रणजीत 2016 से 2021 तक BJP के प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर भी काम कर चुके हैं। उन्होंने थोड़े समय के लिए स्पीकर की कुर्सी भी संभाली थी। रणजीत 2011 से 2021 तक सरभोग और 2021 से 2026 तक पटाचारकुची से विधायक रह चुके हैं। BJP ने उन्हें इस बार उन्हें 2023 में ही बनी भवानीपुर-सरभोग सीट से मैदान में उतारा है। उनके सामने CPI(M) ने मनोरंजन तालुकदार चुनावी रण में उतरे हैं। इस बार भी उनकी विजय की प्रबल संभावना है।
असम के चर्चित नेताओं में चंद्र मोहन पटवारी का नाम भी शामिल है। BJP में आने से पहले, पटवारी AGP में रह चुके हैं, जहां उन्होंने 2008 से 2011 तक पार्टी अध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दी हैं। वो 1985 से 2001, 2006 से 2011 और फिर 2016 से 2026 तक धर्मपुर से विधायक रहे हैं। उन्होंने 2007 से 2010 तक विधानसभा में विपक्ष के नेता का दायित्व भी संभाला है। पटवारी असम कैबिनेट में मंत्री भी रह चुके हैं, जहां उन्होंने कृषि, परिवहन, संसदीय कार्य और उद्योग जैसे अहम मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी संभाली है। BJP ने उन्हें इस बार टिहु विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाया, जहां उनके सामने कांग्रेस के रतुल पटवारी हैं। दोनों दावेदारों में चंद्र मोहन पटवारी का पलड़ा ही ज्यादा भारी लग रहा है।
अंत में यदि AGP के ही दो प्रमुख चेहरों का वर्णन करें, तो इनमें पार्टी अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री अतुल बोरा व केशब महंत का नाम सामने आता है। अतुल 1996 से 2001 तक गोलाघाट और फिर 2016 से बोकाखात से विधायक हैं। उन्होंने असम कैबिनेट में कृषि और शहरी विकास जैसी महत्वपूर्ण मिनिस्ट्रीज संभाली हैं। वहीं केशब महंत भी इस दल के कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर काम कर रहे हैं और 2006 से कलियाबोर से विधायक हैं। उन्होंने जल संसाधन, परिवहन और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण जैसे बड़े मंत्रालय संभाले हैं और फिलहाल विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्री के रूप में काम कर रहे हैं। दोनों ही नेता एक बार फिर अपनी-अपनी सीटों से जीत सकते हैं। हालांकि बड़े चेहरों की ये लिस्ट यहीं खत्म नहीं होती। इसमें BJP के भाबेश कलिता, पीयूष हजारिका और अशोक सिंघल जैसे नाम भी शामिल किए जा सकते हैं।