पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का ऐलान, अप्रैल में मतदान और 4 मई को आएंगे नतीजे

Highlights पांच राज्यों असम, पुदुचेरी, तमिलनाडु, केरलम और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान। असम, पुदुचेरी और केरलम में 9 अप्रैल को मतदान, तमिलनाडु में 23 अप्रैल को वोटिंग होगी। सभी राज्यों के चुनाव नतीजे 4 मई को एक साथ घोषित किए जाएंगे।

भारतीय चुनाव आयोग (ECI) द्वारा 2026 के विधान सभा चुनावों के लिए बिगुल फूंक दिया गया है। जी हां, असम, पुदुचेरी, तमिलनाडु, केरलम और पश्चिम बंगाल में होने वाले चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। इस घोषणा के साथ इन सभी राज्यों में चुनावी आचार संहिता भी लागू हो चुकी है। जानकारी के लिए बता दें कि चुनावी प्रक्रिया अप्रैल के महीने में ही पूरी कर ली जाएगी। असम, पुदुचेरी और केरलम इन तीनों राज्यों में 9 अप्रैल को एक ही चरण में वोटिंग संपन्न हो जाएगी। वहीं बात करें तमिलनाडु की, तो राज्य की सभी 234 सीटों पर 23 अप्रैल को एक साथ वोट डाले जाएंगे। इस बार पश्चिम बंगाल में चुनावी चरणों में कटौती की गई है। यहां सिर्फ दो चरणों में वोटिंग होगी। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को, तो दूसरे चरण का 29 अप्रैल को होगा।

इन सभी राज्यों के चुनावी नतीजे 4 मई को एक साथ घोषित किए जाएंगे। इस साल इन राज्यों के 18 करोड़ से अधिक लोग अपनी नई सरकार चुनने के लिए मतदान करेंगे। सबसे दिलचस्प बदलाव पश्चिम बंगाल में देखने को मिला है। जहां राज्य में 2021 में 8 चरणों में चुनाव कराए गए थे, वहीं इस बार केवल दो ही चरणों में चुनाव होंगे। अब राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार चौथी बार तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत के साथ जुटी हुई हैं, वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) भी राज्य में पहली बार सरकार बनाने के लिए पूरी कोशिश कर रही है। इस चुनाव में TMC ने भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा (BGPM) के साथ गठबंधन किया है। BGPM राज्य की 294 में से 3 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।

बात करें 126 सीटों वाले असम की, तो भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) लगातार तीसरी बार राज्य में अपनी सरकार बनाने के इरादे से चुनावी मैदान में उतरेगा। इस गठबंधन में भाजपा के अलावा असम गण परिषद (AGP), बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (BPF) और रभा हासोंग जौथा मंच (RHJM) भी शामिल हैं। हालांकि यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल (UPPL) के साथ इस चुनाव से पहले भाजपा ने सीट बंटवारे को लेकर कोई बातचीत नहीं की है। BPF 11 सीटों पर और RHJM एक सीट पर चुनाव लड़ेगा। बात करें विपक्षी गठबंधन की, तो असम सोनमिलितो मोर्चा (ASOM) में कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-मार्क्सवादी (CPI-M) के अलावा असम जातीय परिषद (AJP), CPI (ML) Liberation और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस (APHLC) शामिल हैं। वहीं अखिल गोगोई की पार्टी रायजोर दल (RD) ने सीटों के बंटवारे के मुद्दे पर इस गठबंधन को छोड़ दिया था।

तमिलनाडु में इस बार दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है। जहां एक ओर मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन की द्रविड़ मुनेत्र कळगम (DMK) दूसरी बार अपनी सरकार बनाना चाहेगी, तो दूसरी ओर ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कळगम (AIADMK) वाला गठबंधन बदलाव के इरादे से मैदान में उतरेगा। इस गठबंधन में BJP जैसी राष्ट्रीय पार्टी भी मौजूद है, जिससे उन्हें इस चुनाव में फायदा मिलने की पूरी संभावना है। कुल 15 पार्टियां इस गठबंधन में हैं, जिनमें AIADMK, BJP, पट्टाली मक्कल काची (PMK) और तमिल मानीला कांग्रेस-मूपनार (TMC-M) जैसी पार्टियां प्रमुख हैं। वहीं DMK के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (SPA) में कांग्रेस, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और मरूमलारची द्रविड़ मुनेत्र कळगम (MDMK) जैसी पार्टियां शामिल हैं। इस बार तमिल फिल्मों के सुपरस्टार जोसेफ विजय की तमिलगा वेट्री कळगम (TVK) पर भी सबका ध्यान रहेगा।

140 सीटों वाले केरलम में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) यानी CPI(M) के नेतृत्व वाला लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) और कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) एक-दूसरे को चुनौती देंगे। जहां CPI(M) लगातार तीसरी बार सरकार बनाकर राज्य में एक नया रिकॉर्ड स्थापित करना चाहेगी, वहीं कांग्रेस 10 साल बाद सरकार में वापसी करना चाहेगी। केरलम में 2016 तक हर 5 साल में सरकार बदलती रहती थी। पिनरई विजयन पहले ऐसे मुख्यमंत्री रहे, जिन्होंने लगातार दो चुनाव जीते। हालांकि इस बार BJP के भी एक शक्ति के रूप में उभरने की उम्मीद जताई जा रही है। इस चुनाव से पहले BJP तिरूवनंतपुरम निकाय चुनाव में जीत हासिल कर पहली बार अपना मेयर बनाने में सफल रही है। पार्टी को उम्मीद है कि यही प्रदर्शन विधान सभा चुनावों में भी देखने को मिलेगा।

आखिर में 30 सीटों वाले पुदुचेरी की भी बात करते हैं। यहां मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी की ऑल इंडिया एन. आर. कांग्रेस (AINRC) और BJP लगातार दूसरी बार चुनावी रण जीतना चाहेंगी। इस बार पुदुचेरी में AIADMK भी उनके साथ है। इसके अलावा इस राज्य में भी SPA मौजूद है। विपक्षी गठबंधन भी इस बार बदलाव के इरादे से चुनावी मैदान में उतरेगा। इन सभी राज्यों में नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

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