बालेन शाह ने नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में ली शपथ, सबसे युवा प्रधानमंत्री बने

Highlights बालेन शाह ने आज दोपहर 12.34 बजे राष्ट्रपति कार्यालय, शीतल निवास में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। बालेन शाह नेपाल के इतिहास में मधेस क्षेत्र से आने वाले पहले प्रधानमंत्री है। प्रधानमंत्री शाह के पास रक्षा मंत्रालय और उद्योग, वाणिज्य तथा आपूर्ति मंत्रालय की जिम्मेदारी होगी।

नेपाल की राजनीति में आज एक नया इतिहास रचा जा चुका है। काठमांडू के पूर्व मेयर और रैपर बालेन्द्र शाह, जिन्हें बालेन के नाम से भी जाना जाता है, ने आज नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। मात्र 35 साल की उम्र में देश की कमान संभालकर उन्होंने अपनी उम्र से तो सबको चौंकाया ही है, साथ ही पुराने दिग्गजों और उनकी पार्टियों को भी पीछे छोड़ दिया। बालेन शाह ने आज दोपहर 12.34 बजे राष्ट्रपति कार्यालय, शीतल निवास में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। नेपाल के राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल ने उन्हें प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई। इस दौरान नेपाल की पूर्व अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की भी उपस्थित थी। 

वैदिक-सनातन परंपरा के अनुसार आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में सात शंखों का नाद, 108 बटुकों द्वारा स्वास्ति वचन पाठ और 108 बौद्ध भिक्षुओं द्वारा मंगल वचन पाठ किया गया। इससे पूर्व, गुरुवार को 35 वर्षीय बालेन्द्र को राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) का संसदीय दल का नेता चुना गया। उनकी पार्टी RSP ने हाल ही में हुए चुनावों में बहुमत हासिल किया है। खुद बालेन शाह ने झापा-5 संसदीय निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा और पूर्व प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली को 49,614 वोटों के भरी अंतर से पराजित किया। ओली इससे पूर्व 2017 और 2022 में उस सीट से चुनाव जीत चुके हैं। बात करें सत्ता पर काबिज हुई RSP की, तो कुल 275 सीटों में से 182 सीटों पर RSP के उम्मीदवारों ने विजय हासिल की है।

अन्य दलों की बात करें, तो नेपाली कांग्रेस (NC) को 38, नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) [CPN (UML)] को 25, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (NCP) को 17, श्रम संस्कृति पार्टी (SSP) को 7, राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (RPP) को 5 सीटों पर जीत हासिल हुई। इसके अलावा एक सीट पर इंडिपेंडेंट उम्मीदवार ने भी जीत हासिल की। नेपाल के मंत्रिमंडल पर नजर डालें तो, प्रधानमंत्री शाह ने रक्षा मंत्रालय और उद्योग, वाणिज्य तथा आपूर्ति मंत्रालय अपने पास रखा है। उनके अलावा सुधन गुरूङ के पास गृह मंत्रालय, स्वर्णिम वाग्ले के पास वित्त मंत्रालय, सस्मित पोखरेल के पास शिक्षा, विज्ञान तथा प्रविधि मंत्रालय और शिशिर खनाल के पास विदेश मंत्रालय की जिम्मेदारी होगी। इनके अलावा सोबिता गौतम कानून, न्याय तथा संसदीय मामलों की मंत्री होंगी।

बालेन शाह का प्रधानमंत्री बनना कई मायनों में खास है। वे नेपाल के इतिहास में मधेस क्षेत्र से आने वाले पहले प्रधानमंत्री है। बालेन शाह का प्रधानमंत्री बनना कई मायनों में खास है। वह नेपाल के इतिहास में मधेस क्षेत्र से आने वाले पहले प्रधानमंत्री होंगे। एक स्ट्रक्चरल इंजीनियर और संगीत की दुनिया से राजनीति में आए बालेन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की है। उम्मीद की जा रही है कि प्रधानमंत्री के रूप में उनकी नई पारी नेपाल में राजनीतिक स्थिरता, खुशहाली और समृद्धि लेकर आएगी। साथ ही आशा है कि आने वाले समय में भारत और नेपाल के रिश्तें भी पहले से बेहतर होंगे।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई देते हुए लिखा, "नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने पर बालेन्द्र शाह को हार्दिक बधाई। आपकी नियुक्ति नेपाल की जनता द्वारा आपके नेतृत्व में व्यक्त किए गए भरोसे को दर्शाती है। मैं भारत-नेपाल की मित्रता और सहयोग को, हमारे दोनों देशों की जनता के आपसी लाभ के लिए, और भी अधिक ऊंचाइयों तक ले जाने हेतु आपके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं।​"

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