बिहार : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत 8 मार्च को JDU में होंगे शामिल

Highlights निशांत कुमार 8 मार्च को औपचारिक रूप से JDU में शामिल होकर राजनीति में कदम रखेंगे। निशांत कुमार को भविष्य में सरकार या पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी मिलने की अटकलें लग रही है। मुख्यमंत्री के बेटे होने के बावजूद निशांत कुमार लंबे समय तक राजनीति से दूर रहे है।

बिहार की राजनीति में इन दिनों काफी हलचल देखने को मिल रही है। राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए राज्यसभा के लिए नामांकन भर दिया है। जाहिर है कि अगले कुछ दिनों में बिहार की सत्ता में बदलाव भी देखने को मिलेगा। इसी बीच सबसे ज्यादा चर्चा उनके बेटे निशांत कुमार को लेकर हो रही है, जो 8 मार्च को औपचारिक रूप से जनता दल यूनाइटेड (JDU) में शामिल होंगे। 50 वर्षीय निशांत अब तक राजनीति से पूरी तरह दूर रहे हैं। पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर निशांत अपनी सादगी और शांत स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा (BIT, Mesra) से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने राजनीति में न आने का विकल्प चुना और काफी हद तक सार्वजनिक जीवन से दूर रहे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और स्वर्गीय मंजू सिन्हा के इकलौते बेटे होने के बावजूद, उन्होंने वर्षों तक सक्रिय राजनीतिक भूमिकाओं से परहेज किया।

जानकारी के मुताबिक, एक अहम JDU पार्टी बैठक में केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और राज्यसभा सांसद संजय झा ने निशांत को सक्रिय राजनीति में लाने का प्रस्ताव रखा, जिसे पार्टी नेताओं ने उत्साह के साथ स्वीकार कर लिया। निशांत की एंट्री ऐसे समय पर हो रही है जब नीतीश कुमार ने बिहार छोड़कर दिल्ली की राजनीति की ओर रूख कर दिया है। इसे पार्टी के अंदर अगली पीढ़ी को तैयार करने के तौर पर भी देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि निशांत की साफ-सुथरी छवि होना पार्टी के लिए फायदेमंद हो सकता है। वो भी तब नीतीश कुमार के बिना पार्टी को एकजुट रखना एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है। ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि उन्हें नई बिहार में नई NDA सरकार में उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया जा सकता है या वे फिर पार्टी नेतृत्व में कोई बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

वहीं दूसरी ओर, नीतीश कुमार ने अपने विधायकों और कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया है कि वे भले ही राज्यसभा जा रहे हैं, लेकिन बिहार का साथ नहीं छोड़ेंगे और वे पार्टी का मार्गदर्शन करते रहेंगे। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भी यह स्पष्ट किया कि नई बनने वाली सरकार को उनका पूरा सहयोग मिलता रहेगा। बिहार की जनता के लिए यह खबर काफी चौंकाने वाली है क्योंकि नीतीश कुमार हमेशा परिवारवाद के खिलाफ बोलते रहे हैं। लेकिन अब उनके बेटे का राजनीति में आना राज्य के समीकरणों को पूरी तरह बदल सकता है। अब देखना यह होगा कि निशांत कुमार अपने पिता की विरासत को कितनी बखूबी संभाल पाते हैं।

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