पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी तेज, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का BJP पर हमला, ओपिनियन पोल्स ने बढ़ाई हलचल

Highlights ममता बनर्जी ने कहा की जब बंगाल आजादी की लड़ाई में हिस्सा ले रहा था, तब BJP का जन्म भी नहीं हुआ था। ओपिनियन पोल्स के मुताबिक TMC बहुमत का आंकड़ा तो पार कर ही लेगी। राज्य में चुनाव दो चरणों में 23 तथा 29 अप्रैल को होंगे और नतीजे 4 मई को घोषित होंगे।

जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते जा रहे हैं, पश्चिम बंगाल में राजनीतिक सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं। इसी सिलसिले में पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मुखिया ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला किया। मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा, "अमर्त्य सेन की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की गई। उन्हें बेदखल करने की कोशिश की गई। BJP खुद पर शर्म आनी चाहिए।" उन्होंने BJP को महिला विरोधी तक कह दिया।

मुख्यमंत्री बनर्जी ने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-मार्क्सिस्ट (CPI-M) को भी नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा, "BJP वही कर रही है जो CPI-M किया करती थी। नाम देखकर नाम हटा दिए गए हैं। मैंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।" उन्होंने राज्य के इतिहास जिक्र करते हुए कहा, "जब बंगाल आजादी की लड़ाई में हिस्सा ले रहा था, तब BJP का जन्म भी नहीं हुआ था। वे हमारा पैसा लूट रहे हैं और झूठ बोल रहे हैं। वे रामनवमी पर बंदूकें लेकर निकलते हैं। BJP को हराना जरूरी है ताकि वह फिर कभी खड़ी न हो सके। इस बार एक बड़ा 'खेला' होगा।"

एक नजर ओपिनियन पोल्स पर भी डाल लेते हैं। IANS-Matrize के मुताबिक, TMC 155 से 170 के बीच सीटें प्राप्त कर सकती है। वहीं BJP पिछले बार की तुलना में अधिक सीटें जीत सकती हैं। ओपिनियन पोल की माने, तो BJP के खाते में इस बार 100 से 115 सीटें जा सकती हैं। अन्य दलों के खाते में 5 से 7 सीटें जा सकती हैं।  इसके अलावा VoteVibe CNN-News18 के पोल्स के अनुसार, TMC 169 से 179 और BJP 113 से 123 सीटें जीत सकती हैं। अन्य पार्टियां 1 से 3 सीटें जीत सकती हैं।

अगर ये ओपिनियन पोल्स सही साबित होते है, तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी। ऐसा करने वाली वो पश्चिम बंगाल की महिला मुख्यमंत्री होंगी। हालांकि इस बार का चुनाव इतना आसान भी नहीं होने वाला है। राज्य में सत्ता विरोधी लहर के अलावा रोजगार के अवसरों की कमी, भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा जैसे मुद्दे इस बार काफी हावी हैं।

BJP भी पहली बार पश्चिम बंगाल में अपनी सरकार बनाने के काफी जोर लगा रही है। इसके अलावा TMC से निष्कासित नेता हुमायूं कबीर का आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के नाम से नई पार्टी बनाना और असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के साथ गठबंधन भी TMC के लिए परेशानी का सबब बन सकता है।

गठबंधन के मुस्लिम बहुल सीटों पर उम्मीदवार उतारने से वोट विभाजित हो सकते हैं, जिसका फायदा BJP को पहुंच सकता है। इतना ही नहीं, राज्य में इस बार कांग्रेस किसी गठबंधन के बिना चुनावी रण में उतरी है और पश्चिम बंगाल में लेफ्ट फ्रंट भी मौजूद है। ये दोनों भी TMC को थोड़ा-बहुत ही सही, मगर नुकसान पहुंचा सकते हैं। पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में, 23 तथा 29 अप्रैल को होंगे और नतीजे 4 मई को घोषित होंगे।

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