परीक्षा पे चर्चा का दूसरा एपिसोड : प्रधानमंत्री मोदी की छात्रों को सफलता की सीख

Highlights प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को सेल्फ कॉन्फिडेंस और नियमित दिनचर्या बनाए रखने की सलाह दी। स्टार्टअप के लिए इंडस्ट्री से जुड़ने और स्पष्ट लक्ष्य तय करने पर जोर दिया। पढ़ाई और पैशन को साथ लेकर चलने का आसान तरीका समझाया।

"परीक्षा पे चर्चा" के नवें संस्करण का दूसरा एपिसोड आज यानी 9 फरवरी 2026 को प्रसारित हो चुका है। विद्यार्थियों और युवाओं को उनकी परीक्षाओं और अन्य जरूरी मुद्दों पर स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मार्गदर्शन मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के कई शहरों कोयंबटूर, गुवाहाटी, रायपुर, देवमोगरा और दिल्ली में छात्रों से बातचीत की। उन्होंने परीक्षा की तैयारी के दौरान सेल्फ कॉन्फिडेंस बनाए रखने, नियमित दिनचर्या का पालन करने और खुद पर भरोसा रखने को लेकर अहम सुझाव साझा किए। सभी छात्रों ने उन्हें अपने सामने पाकर खुशी और उत्साह व्यक्त किया।

सबसे पहले एक छात्रा छवि जैन ने सवाल किया कि, “मुझे स्टार्टअप करना है तो मुझे किन-किन विषयों की जानकारी होनी चाहिए और एजुकेशनल लेवल पर मुझे क्या करना होगा, जिससे मुझे स्टार्टअप के लिए मदद मिल सके?” इस पर प्रधानमंत्री ने जवाब दिया कि, “सबसे पहले आपका ध्यान इस बात पर होना चाहिए कि आप क्या करना चाहते हैं। कुछ स्टार्टअप्स ऐसे होते हैं जो टेक्नोलॉजी में इनोवेशन करना चाहते हैं। किसी को लगता है कि मैं ड्रोन बनाऊं।” प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि छात्रों को इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स से संपर्क करना चाहिए और समझना चाहिए कि वे किस तरह से काम करते हैं।

एक अन्य छात्रा ने उनसे पूछा कि, “मुझे हमेशा डर लगा रहता है कि अगर मैं पढ़ाई पर ज्यादा फोकस करूं तो अपना पैशन खो दूंगी और पैशन पर फोकस करूं तो मेरी पढ़ाई छूट जाएगी। दोनों के बीच बैलेंस कैसे लाऊं?” इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने सुझाव दिया कि पढ़ाई और पैशन को अलग-अलग न मानें, क्योंकि दोनों ही उपयोगी हैं।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “मान लीजिए आपको आर्ट का शौक है और आपने साइंस का कोई विषय पढ़ा, जिसमें लैब की चर्चा है और केमिकल मिलाने की बात है। तो आप कागज पर लैब बनाइए, पेंट कीजिए और हर बोतल पर केमिकल का नाम लिखिए। फिर जब पढ़ाई में आए कि किसी केमिकल को दूसरे केमिकल से मिलाने पर रंग बदलता है, तो उसका चित्र बना लीजिए। इससे आपकी कला भी निखरेगी और लेसन भी अच्छे से याद हो जाएगा।” उन्होंने कहा कि इस तरह एक साथ पढ़ाई और पैशन दोनों को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है और कला या सीखने की रुचि थकान को भी कम करती है।

इस साल "परीक्षा पे चर्चा" ने एक नया रिकॉर्ड भी कायम किया है। इस बार करीब 4.5 करोड़ से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया, जिनमें से 4.1 करोड़ से ज्यादा छात्र थे। यह आंकड़ा पिछले सभी सालों की तुलना में कहीं ज्यादा है, जो दिखाता है कि छात्र अब परीक्षा के तनाव और अन्य मुद्दों को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हो रहे है।

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