EU उपाध्यक्ष Kaja Kallas का पहला आधिकारिक भारत दौरा, रणनीतिक संबंधों को बढ़ाने पर जोर

Highlights EU उपाध्यक्ष Kaja Kallas का पहला आधिकारिक दौरा। अपने अंतिम दौर में भारत-EU FTA की बातचीत। आज की वैश्विक परिस्थिति में EU भारत को एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में देख रहा है।

यूरोपियन यूनियन (EU) की उपाध्यक्ष और विदेश एवं सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि Kaja Kallas आज 24 जनवरी को राजधानी दिल्ली पहुंची। ये उनका पहला आधिकारिक दौरा है। इस दौरे को भारत-EU संबंधों के लिहाज़ से बहुत अहम माना जा रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया के ज़रिए उनका स्वागत करते हुए कहा कि यह दौरा भारत और EU के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने का अवसर है। Kaja Kallas का ये दौरा ऐसे समय पर हो रहा है, जब भारत और EU के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर बातचीत अपने अंतिम दौर में है।

ये दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसके बाद यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन (Ursula von der Leyen) और यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा (António Costa) भी भारत आएंगे। दोनों नेता भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। Kaja Kallas की इस यात्रा के दौरान व्यापार, सुरक्षा और रक्षा सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा की जा रही है। भारत और EU समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद से मुकाबले और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमत दिखाई दे रहे हैं। Kallas पहले ही ये संकेत दे चुकी है कि यूरोप भारत के साथ एक नए एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।

भारत और EU के बीच प्रस्तावित FTA को "मदर ऑफ ऑल डील्स" कहा जा रहा है। हालांकि ये समझौता अभी अंतिम रूप में नहीं पहुंचा है, लेकिन इसके लागू होने के बाद दोनों पक्षों के बीच व्यापार को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इस समझौते से भारतीय कृषि, कपड़ा, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी सेक्टर को यूरोपियन बाज़ारों में बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है। वहीं भारत को यूरोप से उन्नत मशीनरी और तकनीक मिलने में आसानी हो सकती है।

आने वाले दिनों में 16वां भारत-EU शिखर सम्मेलन आयोजित होने वाला है, जिसकी सह-अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। दोनों पक्ष माइग्रेशन-मोबिलिटी जैसे मुद्दों पर भी बात कर सकते हैं। जानकारी के लिए बता दें कि भारतीय छात्र "इरास्मस मुंडस स्कॉलरशिप" (Erasmus Mundus Scholarship) के शीर्ष प्राप्तकर्ताओं में से एक रहे हैं। पिछले 20 वर्षों में, यूरोप भर के प्रमुख संस्थानों में अध्ययन और काम करने के लिए भारतीय छात्रों को 5,000 से अधिक स्कॉलरशिप्स प्रदान की गई हैं। इरास्मस एक विख्यात डच मानवतावादी और शिक्षाविद थे। कुलमिलाकर ये सब बातें दिखाती हैं कि आज की बदलती वैश्विक परिस्थितियों में EU भारत को एक भरोसेमंद साझेदार के रूप में देख रहा है।

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