गणतंत्र दिवस पर सरकारी स्कूल में रद्दी कागज़ों पर परोसा गया भोजन

Highlights मैहर जिले के एक सरकारी स्कूल में सामने आई लापरवाही। प्लेट की जगह रद्दी कागजों पर परोसा गया मिड-डे मील। घटना सामने आने के बाद प्रशासन द्वारा जांच के आदेश।

मध्य प्रदेश के मैहर जिले से गणतंत्र दिवस के दिन बड़ी गंभीर लापरवाही की घटना सामने आई है। यहां एक सरकारी माध्यमिक स्कूल में बच्चों को राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर विशेष भोजन प्लेट्स या पत्तल की जगह पुरानी किताबों और कॉपियों के पन्नों पर परोसा गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि छोटे बच्चे नीचे बैठे हुए हैं और उनके सामने प्लेट्स या पत्तल उपलब्ध न होने के कारण उन्हें हलवा-पूरी रद्दी कागज़ों और पुरानी किताबों के पन्नों पर परोसी गई। इस तरह के वाकये के बाद बच्चों के पालकों ने शर्म और नाराज़गी जताई है।

इस घटना को और भी गंभीर बनाने वाली बात यह है कि छात्रों की संख्या के अनुसार प्लेट्स खरीदने के लिए धनराशि पहले ही जारी कर दी गई थी। फिर भी, गणतंत्र दिवस पर एक भी प्लेट दिखाई नहीं दी। घटना के सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे हैं। इस मामले की जानकारी मिलते ही डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर (DPC) विष्णु त्रिपाठी ने जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने बताया कि ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर (BRC) को मौके पर भेजकर पूरी रिपोर्ट तलब की गई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आई तो ज़िम्मेदार लोगों पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि छपे या लिखे कागज पर खाना परोसना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। छपाई की स्याही में सीसा और अन्य हानिकारक रसायन होते हैं जो गर्म भोजन, विशेषकर हलवे में मिल सकते हैं, जिससे बच्चों में गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। खाद्य सुरक्षा से जुड़े लोग पहले भी इस तरह की चीज़ों से बचने की सलाह देते रहे हैं। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है और रिपोर्ट सामने आने पर ज़रूरी कार्रवाई की जाएगी।

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