Gen Z के विरोध प्रदर्शनों को लेकर नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली गिरफ्तार

Highlights ओली को Gen Z विरोध प्रदर्शनों पर की गई कार्रवाई में उनकी भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तारी पर गृह मंत्री सुधन गुरूङ ने लिखा ये किसी से बदला नहीं है, ये तो न्याय की बस शुरुआत है। ओली के अलावा नेपाल के पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को भी हिरासत में लिया गया है।

भारत के पड़ोसी देश नेपाल से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अभी प्रधानमंत्री बालेन शाह के शपथ ग्रहण को एक दिन ही बीता होगा, कि नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार किया गया है। दोनों नेताओं को को 2025 के Gen Z विरोध प्रदर्शनों पर की गई कार्रवाई में उनकी भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के मुताबिक, इन विरोध प्रदर्शनों में 70 से अधिक लोगों की मौत और 2,100 से अधिक घायल हुए थे। इन प्रदर्शनों में बड़े पैमाने पर पब्लिक और प्राइवेट प्रॉपर्टीज को नुकसान भी पहुंचा था। ओली को पुलिस ने भक्तपुर के गुंडू स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया।

काठमांडू घाटी पुलिस के प्रवक्ता ओम अधिकारी ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की और कहा, "उन्हें आज सुबह गिरफ्तार किया गया और पूरी प्रक्रिया कानून के अनुसार आगे बढ़ेगी।" इस सिलसिले में नेपाल के नए गृह मंत्री सुधन गुरूङ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, "वादा, वादा होता है। कानून से ऊपर कोई नहीं है। हमने पूर्व प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली और निवर्तमान गृह मंत्री रमेश लेखक को हिरासत में ले लिया है। यह किसी से बदला नहीं है, बल्कि यह तो न्याय की बस शुरुआत है। मेरा मानना ​​है कि अब देश एक नई दिशा की ओर बढ़ेगा।" वहीं अपनी गिरफ्तारी पर पूर्व प्रधानमंत्री ओली ने कहा, "मुझे बदले की भावना से गिरफ्तार किया गया है और मै ये कानूनी लड़ाई लडूंगा।"

बता दें कि के. पी. शर्मा ओली 4 बार नेपाल के प्रधानमंत्री रह चुके हैं। उनका कार्यकाल अक्टूबर 2015 से अगस्त 2016, फरवरी 2018 से जुलाई 2021 तक रहा। जुलाई 2024 में उन्हें चौथी बार इस पद पर नियुक्त किया गया, जिस पर वे 2025 तक आसीन रहे। ओली 2014 से 2018 तक और इसके बाद पुनः 2021 से अपनी पार्टी CPN (UML) के चेयरमैन के तौर भी पर काम कर रहे हैं। हाल ही में हुए चुनावों में उन्हें झापा-5 सीट से नए प्रधानमंत्री बालेन शाह द्वारा हार का सामना भी करना पड़ा था। ओली अतीत में कई बार विवादित बयान भी दे चुके हैं। 

जुलाई 2020 में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ओली ने कहा था कि प्रभु श्रीराम का जन्म नेपाल में हुआ था और भारत ने एक नकली अयोध्या बनाई है। उन्होंने दावा किया कि नेपाल के बीरगंज के पास स्थित थोरी ही राम का जन्मस्थान है। वहीं रमेश लेखक नेपाली कांग्रेस (NC) के पुराने नेताओं में से एक हैं। गृह मंत्रालय संभालने के अलावा रमेश नेपाल के श्रम, रोजगार तथा सामाजिक सुरक्षा मंत्री के तौर पर भी काम कर चुके हैं। अब देखने वाली बात होगी कि इस पूरे मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।

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