इकोनॉमिक फोरम से बुलेट ट्रेन तक जापान में छाए पीएम मोदी, भारत के साथ रिश्ते गहराने की उम्मीद

Highlights पीएम मोदी ने टोक्यो में 16 जापानी गवर्नरों से की मुलाकात। जापान द्वारा भारत में अगले 10 वर्षों में 10 ट्रिलियन येन के निजी निवेश की घोषणा। जापान में भारत-जापान साझेदारी को मिला द्वि-दलीय समर्थन।

नई दिल्ली : अमेरिका के साथ टैरिफ और ट्रेड वॉर के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जापान दौरा वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है। जापान के साथ भारत की बढ़ती नजदीकियों पर वाशिंगटन की कड़ी निगाह है। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को टोक्यो में जापान के 16 प्रांतों के गवर्नरों से मुलाकात की, जिसमें ‘राज्य-प्रांत सहयोग’ को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। इस बैठक को भारत-जापान की विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी का अहम हिस्सा माना जा रहा है। 

अमेरिका को चुनौती देने की भारत की रणनीति :

ट्रेड पर अमेरिका के साथ 36 के आंकड़ों के मध्य भारत के 56 इंच सीने का दम दिखाने की फेहरिस्त में जापान के 16 गवर्नर तो सिर्फ पहली कड़ी हैं। अभी पूरी पिक्चर अब तक पूरी नहीं हुई है। क्योंकि इस दौरान भारत चीन से लेकर ब्रिक्स से जुड़े देशों सहित एशिया से लेकर अफ्रीका और अरब तक नए बाजार की तलाश में जुट चुके है। भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यही कदम डोनाल्ड ट्रंप को परेशान कर रहा है। अब अमेरिका को भी धीरे-धीरे यह बात समझ में आने लग गई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झुकने वाले नहीं हैं, बल्कि वह आपदा में मौके तलाशने के माहिर विशेषज्ञ हैं। 

16 जापानी गवर्नरों के साथ प्रधानमंत्री मोदी ने की बात :

खबरों का कहना है कि पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर लिखते हुए कहा है कि  ‘‘तोक्यो में आज सुबह जापान के 16 प्रांतों के गवर्नर के साथ वार्त्लाप हुई की। राज्य-प्रांत सहयोग भारत-जापान मैत्री का एक महत्वपूर्ण स्तंभ भी है। यही वजह है कि कल 15वें वार्षिक भारत-जापान शिखर सम्मेलन के बीच इस पर अलग से एक पहल की गई।’’ उन्होंने इस बारें में कहा है कि ‘‘व्यापार, नवोन्मेष, उद्यमिता आदि क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं। ‘स्टार्टअप’, प्रौद्योगिकी और एआई (कृत्रिम मेधा) जैसे भविष्योन्मुखी क्षेत्र भी लाभकारी भी साबित हो सकते है।’’ 

विदेश मंत्रालय का बयान :

भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी बैठक का ब्यौरा देते हुए बताया कि चर्चा के केंद्र में प्रौद्योगिकी, नवोन्मेष, निवेश, कौशल विकास, स्टार्ट-अप और लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के क्षेत्र में सहयोग रहा। मंत्रालय के अनुसार, यह साझेदारी भारत और जापान के बीच परंपरागत सहयोग से आगे बढ़कर स्थानीय स्तर पर भी नई ऊर्जा लाएगी।

जापान बनेगा भारत का तकनीकी और व्यापारिक साझेदार :

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गवर्नरों से विनिर्माण, गतिशीलता, अगली पीढ़ी के बुनियादी ढांचे, नवाचार एवं लघु व्यवसायों में भारत के साथ सहयोग बढ़ाने का आह्वान भी कर दिया है। उन्होंने इस बारें में कहा है कि जापानी प्रांतों की अपनी विशिष्ट ताकत है, जबकि भारतीय राज्यों के पास अलग-अलग क्षमताएं हैं। दोनों के मध्य तालमेल से विकास की नई राह खुल सकती है। मोदी ने विशेष रूप से युवाओं और कौशल विकास पर जोर देते हुए ये भी कहा है कि जापानी तकनीक और भारतीय प्रतिभा मिलकर वैश्विक स्तर पर नई सफलताएं भी लिखने वाली है।

जापानी गवर्नरों की प्रतिक्रिया : 

बैठक में शामिल गवर्नरों ने भी इस पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने में उप-राष्ट्रीय सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं जापान के पीएम शिगेरू इशिबा इंडिया-जापान इकोनॉमिक फोरम में भी शामिल हुए, जहां दोनों ने आर्थिक सहयोग को और बढ़ाने का साझा विजन रख दिया। इसके पश्चात इशिबा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का औपचारिक स्वागत भी किया है। दोनों नेताओं के मध्य प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई और जापानी पीएम ने भारतीय पीएम मोदी के सम्मान में डिनर का आयोजन भी किया। आने वाले दिन दोनों नेता शिंकानसेन बुलेट ट्रेन से टोक्यो से सेंदाई तक की यात्रा पर एक साथ ही थे। इस बीच उन्होंने एक साथ भोजन किया और टोक्यो इलेक्ट्रॉनिक्स फैक्ट्री का दौरा भी किया। इस तरह दो दिनों के अधिकांश वक्त दोनों नेता एक साथ नजर आए।

ऐतिहासिक निवेश के साथ हुए खास समझौते : 

जापान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान बड़ी घोषणा कर दी है। आने वाले 10 वर्षों में भारत में 10 ट्रिलियन येन की प्राइवेट इन्वेस्टमेंट होने वाली है, जिसे इस दौरे की सबसे अहम उपलब्धि कहा जा रहा है। इस यात्रा ने आने वाले दशक के लिए भारत-जापान संबंधों की दिशा भी तय की है, इतना ही नहीं इस रोडमैप सबसे खास भाग है- 'इंडिया-जापान जॉइंट विजन फॉर द नेक्स्ट डिकेड'... इसमें आर्थिक विकास से लेकर सुरक्षा, तकनीक, नवाचार, स्वास्थ्य, सतत विकास, मोबिलिटी और आपसी आदान-प्रदान तक कई अहम क्षेत्रों को शामिल कर लिया गया है। भारत एवं जापान के मध्य रक्षा, मानव संसाधन आदान-प्रदान, डिजिटल नवाचार, क्रिटिकल मिनरल्स, क्लीन एनर्जी, अंतरिक्ष सहयोग और सांस्कृतिक साझेदारी जैसे क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण समझौते (MoUs) हुए।

द्वि-दलीय समर्थन में जड़ें बना रहीं साझेदारी : 

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो इस दौरे की एक खास बात यह रही कि भारत-जापान साझेदारी को जापान में द्वि-दलीय समर्थन मिला है। पीएम नरेंद्र मोदी ने जापान के 2 पूर्व प्रधानमंत्रियों योशीहिदे सुगा और फूमियो किशिदा से मुलाकात पूरी कर ली। इसके साथ साथ उन्होंने संसद अध्यक्ष और सांसदों के एक समूह से भी चर्चा की। 

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