प्रेस ब्रीफिंग में सरकार का दावा : पेट्रोल-डीजल उत्पादन पर्याप्त, गैस सप्लाई भी जारी

Highlights सरकार ने कहा देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई सामान्य है, घबराने की जरूरत नहीं। रिफाइनरियां पूरी क्षमता से चल रही है और LPG का उत्पादन करीब 30% बढ़ाया गया है। गल्फ क्षेत्र में भारतीय जहाजों और नाविकों की स्थिति पर सरकार लगातार नजर रखे हुए है।

हाल ही में गल्फ क्षेत्र के हालातों के बीच ईंधन की उपलब्धता को लेकर देश में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। इसी को लेकर पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस मंत्रालय और शिपिंग मंत्रालय के अधिकारियों ने स्थिति साफ करते हुए लोगों से घबराने की बजाए संयम बरतने की अपील की है। पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने बताया है कि भारत के पास कच्चे तेल को प्रोसेस करने की लगभग 258 मिलियन मेट्रिक टन की रिफाइनिंग क्षमता है। 

उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल के उत्पादन में भारत आत्मनिर्भर है, इसलिए इन ईंधनों को आयात करने की जरूरत नहीं पड़ती। फिलहाल देश की सभी रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता पर काम कर रही हैं और उनके पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार भी मौजूद है। उन्होंने यह भी बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं को पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की सप्लाई बिना किसी रूकावट जारी है। उन्होंने बताया कि कुछ बड़े शहरों में कमर्शियल उपभोक्ताओं को लिक्विफाईड पेट्रोलियम गैस (LPG) पर निर्भरता की वजह से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और सरकार उन्हें दूर करने की कोशिश भी कर रही है। 

ऐसे उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे अपने क्षेत्र के सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क प्रोवाइडर या अधिकृत डीलर से संपर्क कर PNG कनेक्शन लेने पर विचार करें। सुजाता शर्मा ने आगे बताया कि घरों में LPG की सप्लाई भी सामान्य रूप से जारी है। अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को गैस की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है। उन्होंने बताया कि 5 मार्च की तुलना में रिफाइनरियों में LPG का उत्पादन करीब 30 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्यों से कहा गया है कि वे अपने जिलों में केरोसिन के वितरण के लिए विशेष स्थान तय करें। 

केंद्र सरकार ने नियमित कोटे के अलावा अतिरिक्त 48,000 किलोलीटर केरोसिन की मंजूरी दी है। इसके साथ ही वैकल्पिक ईंधन के रूप में कोयले की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कोल इंडिया को भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि छोटे और मध्यम उपभोक्ताओं को दिक्कत न हो। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि घबराहट में आकर जरूरत से ज्यादा बुकिंग न करें। वहीं शिपिंग मंत्रालय के अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ने गल्फ क्षेत्र में भारतीय जहाजों और नाविकों की स्थिति की जानकारी दी। 

उन्होंने बताया कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के पश्चिम में, पर्शियन गल्फ में भारत के 24 जहाज मौजूद हैं, जिन पर 677 भारतीय नाविक सवार हैं। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के पूर्व में, गल्फ ऑफ ओमान में पहले चार जहाज थे, लेकिन उनमें से एक तेल टैंकर “जग प्रकाश” वहां से निकल चुका है। अब उस क्षेत्र में तीन जहाज बचे हैं, जिन पर 76 भारतीय नाविक तैनात हैं। पूरे गल्फ क्षेत्र में करीब 23 हजार भारतीय नाविक अलग-अलग जहाजों पर काम कर रहे हैं और शिपिंग महानिदेशालय लगातार उनके संपर्क में है।

राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि LPG लेकर आने वाले जहाजों को भारतीय पोर्ट्स पर प्राथमिकता से जगह दी जा रही है, ताकि सप्लाई में कोई बाधा न आए। हालांकि खाड़ी क्षेत्र में चल रहे तनाव के बीच तीन भारतीय नाविकों की मौत की खबर भी सामने आई है और एक नाविक अब भी लापता है। चार अन्य नाविकों को हल्की चोटें आई थीं, जिन्हें सुरक्षित निकालकर इलाज के लिए भेज दिया गया है। मंत्रालय का कहना है कि वह पर्शियन गल्फ क्षेत्र की समुद्री स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है।

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