भारत सरकार ने लागू किया ECA, रिफाइनरियों को घरेलू LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश

Highlights मिडिल ईस्ट तनाव के बीच सरकार ने LPG सप्लाई सुरक्षित रखने के लिए बड़ा कदम उठाया। रिफाइनरियों को घरेलू LPG उत्पादन को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया। जमाखोरी रोकने के लिए सिलेंडर बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतर लागू किया गया।

भारत में रसोई गैस (LPG) की सप्लाई को सुरक्षित रखने के लिए केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। भारत सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) या ECA को लागू करते हुए रिफाइनरियों को आदेश दिया है कि वे घरेलू रसोई गैस के उत्पादन को प्राथमिकता दे। ये कदम इसलिए उठाया गया है ताकि देश में घरेलू LPG की सप्लाई बनी रहे और किसी तरह की संभावित कमी से बचा जा सके। दरअसल हाल ही के दिनों में मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और समुद्री मार्गों पर जोखिम के कारण LPG की वैश्विक सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। भारत अपनी जरूरत का करीब 60% LPG इम्पोर्ट करता है और इसका एक बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट से ही आता है। ऐसे में सरकार ने एहतियात के तौर पर ये कदम उठाया है।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने देश की सभी रिफाइनरियों को आदेश दिया है कि वे LPG उत्पादन बढ़ाने पर फोकस करे। आमतौर पर रिफाइनरियां प्रोपेन और ब्यूटेन जैसी गैसों का उपयोग पेट्रोकेमिकल उत्पादों को बनाने में भी करती हैं, लेकिन अब नए आदेश के तहत इनका गैसों का इस्तेमाल प्राथमिकता से अब कुकिंग गैस यानी LPG बनाने में किया जाएगा। सरकार ने साफ किया है कि LPG की सप्लाई में सबसे पहले घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही सरकारी कंपनियों भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL), इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) को ये निर्देश दिए गए हैं कि सप्लाई चैन को मजबूत रखे ताकि देश के किसी भी कोने में घरेलू गैस की कमी न हो।

भारत में LPG गैस की खपत 31.3 मिलियन टन तक पहुंच चुकी है, जबकि घरेलू उत्पादन इससे काफी कम है। भारत में इसका उत्पादन केवल 12.8 मिलियन टन ही हुआ है। इसी वजह से देश को बड़ी मात्रा में LPG आयात करनी पड़ती है। पश्चिम एशिया में अस्थिर हालात को देखते हुए भारत अब अन्य देशों जैसे अमेरिका से भी सप्लाई बढ़ाने की संभावनाओं पर काम कर रहा है, ताकि किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम की जा सके। सरकार का कहना है कि यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है ताकि भविष्य में LPG की सप्लाई प्रभावित न हो और देश के करोड़ों घरों में रसोई गैस की उपलब्धता बनी रहे। घबराहट में खरीदारी और जमाखोरी को रोकने के लिए सरकार ने घरेलू वितरण नियमों को भी सख्त कर दिया है। सिलेंडर बुकिंग के बीच 25 दिन का अनिवार्य अंतराल पूरे देश में लागू कर दिया गया है।

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