माघ मेला विवाद तेज : शंकराचार्य ने मुख्यमंत्री योगी से 40 दिन में हिन्दू होने का मांगा प्रमाण

Highlights यह पूरा विवाद मौनी अमावस्या पर संगम स्नान से शुरू हुआ था। शंकराचार्य की मांग, गाय को राज्यमाता घोषित किया जाए और गौमांस के निर्यात पर रोक लगाई जाए। संत समागम से पहले कांग्रेस नेताओं ने की स्वामीजी से भेंट।

प्रयागराज में चल रहे माघ मेले में मौनी अमावस्या पर शुरू हुआ विवाद अब एक तीखे मोड़ पर आ गया है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लेकर एक कड़ा बयान दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री को चुनौती देते हुए कहा है कि वे अगले 40 दिनों के भीतर अपने हिन्दू होने का प्रमाण दें। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री ऐसा करने में विफल रहते हैं, तो उन्हें नकली और पाखंडी हिन्दू मान लिया जाएगा। ये पूरा मामला हाल ही में माघ मेले में हुई एक घटना के बाद शुरू हुआ। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती मौनी अमावस्या के अवसर पर संगम स्नान के लिए जा रहे थे, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि इस दौरान उनके शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की की गई, जिससे स्वामीजी काफी नाराज़ हो गए। इसके बाद वे 11 दिनों तक धरने पर बैठे रहे और बिना स्नान किए ही वापस लौट गए।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने योगी आदित्यनाथ के सामने कुछ सख्त शर्तें रखी हैं। उन्होंने मांग रखी है कि गाय को फौरन "राज्यमाता" घोषित किया जाए। इसके अलावा उत्तर प्रदेश से होने वाले गौमांस के निर्यात पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए। उन्होंने कहा कि या तो वे अपने हिन्दू होने का प्रमाण दें, नहीं तो यह भगवा चोला उतार दें। उन्होंने कहा कि 10-11 मार्च को सभी संत लखनऊ में एकत्रित होंगे। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने साफ शब्दों में कहा कि, "अगले 40 दिनों के भीतर यदि मुख्यमंत्री हमारी मांगें नहीं मानते और स्वयं को हिन्दू साबित नहीं करते, तो उस संत समागम में उन्हें नकली हिन्दू घोषित कर दिया जाएगा।" स्वामीजी का कहना है कि योगी आदित्यनाथ और जगद्गुरु रामभद्राचार्य घेराबंदी करके गोहत्या बंदी की मांग करने वालों पर तरह-तरह के हमले कर रहे हैं।

उनका कहना है कि इतिहास में पहली बार किसी शासक ने किसी शंकराचार्य से शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगा है। उन्होंने कहा कि जो सरकार संतों को संगम में स्नान करने से रोकती है, वो भला कैसे हिन्दू हितों की रक्षा कर सकती है। अब इसी के जवाब में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके हिन्दू होने का प्रमाण मांग लिया है। इस पूरे मुद्दे पर विपक्ष भी घेराबंदी की कोशिश करता नज़र आ रहा है। आज उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय और राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडे ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने "X" पर एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि, "संत, सनातन और भारतीय संस्कृति के सम्मान व मर्यादा की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी पूरी मज़बूती और निष्ठा के साथ खड़ी है।"

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