आंध्र प्रदेश की राजनीति से एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के बेटे और तेलुगू देशम पार्टी (TDP) के राष्ट्रीय महासचिव एन. लोकेश को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। लोकसभा सांसद बी. शबरी को पार्टी की पहली महिला राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया है। इनके अलावा केंद्रीय मंत्री के. राम मोहन नायडू और लोकेश के करीबी राजेश किलारु को भी राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया है। लोकेश के कार्यकारी अध्यक्ष घोषित होने के बाद TDP के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी मुख्यालय में जश्न भी मनाया। TDP के 44 सालों के इतिहास में पहली बार, पार्टी को एक राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष मिला है। लोकेश अब तक राष्ट्रीय महासचिव के तौर पर काम कर रहे थे और संगठन में अपना योगदान दे रहे थे।
2024 के आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनावों में TDP की शानदार जीत में लोकेश की अहम भूमिका बताई जाती है। TDP को प्रदेश में पुनर्जीवित करने हेतु चुनावों के पूर्व उन्होंने 4000 किलोमीटर तक "युवा गलम पदयात्रा" भी की थी। जानकारी के मुताबिक, ये पदयात्रा तकरीबन 400 दिनों तक चली थी। 2024 के विधानसभा चुनावों में TDP ने पवन कल्याण की जन सेना पार्टी (JSP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ गठबंधन किया था और एकतरफा जीत हासिल की थी। इस गठबंधन ने राज्य की 175 सीटों में से 164 पर विजय हासिल की थीं। इनमें TDP ने 135, JSP ने 25 और BJP ने 8 सीटों पर जीत दर्ज की थी। TDP ने लोकसभा चुनावों में भी अच्छा प्रदर्शन किया और 16 सीटों पर कब्जा किया। उन्हें TDP की वापसी के प्रमुख सूत्रधारों में से एक माना जाता है।
एन. लोकेश 2017 से 2023 तक आंध्र प्रदेश विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं। वो पहली बार 2019 में मंगलगिरी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं, जहां YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अल्ला रामकृष्ण रेड्डी ने उन्हें 5,337 वोटों के अंतर से हरा दिया था। इसके बाद भी उन्हें पंचायत राज और ग्रामीण विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई थी। हालांकि 2024 के चुनावों में शानदार वापसी करते हुए उन्होंने YSRCP की प्रत्याशी एम. लावण्या को 91,413 मतों के बड़े अंतर से चुनाव हराया। इस जीत के बाद उन्हें रियल टाइम गवर्नेंस तथा सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार मंत्रालय जैसे अहम मंत्रालयों का कार्यभार सौंपा गया था। लोकेश के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद, पार्टी के नेता, कार्यकर्ता और समर्थक उनसे यही उम्मीद करेंगे कि उनके नेतृत्व में पार्टी और भी प्रगति करे।