नीतीश कुमार का राज्यसभा सफर तय, बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर सियासी हलचल तेज

Highlights बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना तय हो चुका है। बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई है। फिलहाल मुख्यमंत्री पद के लिए नित्यानंद राय और सम्राट चौधरी का नाम सामने आ रहा है।

बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना निश्चित हो चुका है। वे आज राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। अगर सब कुछ तय कार्यक्रम के अनुसार होता है, तो यह उनके लंबे राजनीतिक करियर का एक नया अध्याय होगा और बिहार की राजनीति में सत्ता संरचना में अहम बदलाव देखने को मिल सकता है। नीतीश कुमार पिछले करीब दो दशकों से बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे हैं।

मार्च 2000 में वे पहली बार 7 दिनों के लिए मुख्यमंत्री बने। इसके बाद नवंबर 2005 से मई 2014 तक लगातार मुख्यमंत्री रहे और फरवरी 2015 से अब तक राज्य की कमान संभाले हुए हैं। वे केंद्र सरकार में रेल मंत्री और कृषि मंत्री भी रह चुके हैं। हालांकि वे लोकसभा, विधानसभा और विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं, लेकिन अब तक राज्यसभा के सदस्य नहीं रहे थे। ऐसे में राज्यसभा जाना उनके राजनीतिक सफर की एक नई उपलब्धि माना जा रहा है।

उनके दिल्ली जाने के फैसले के साथ ही बिहार में नए नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सबसे ज्यादा चर्चा उनके बेटे निशांत कुमार को लेकर हो रही है। अब तक सक्रिय राजनीति से दूर रहे निशांत के बारे में कहा जा रहा है कि वे राजनीति में कदम रख सकते हैं। सत्ता के नए समीकरणों के तहत उन्हें सरकार या संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है। कयास लगाए जा रहे हैं कि उन्हें बिहार का उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि इस पर अभी औपचारिक घोषणा होना बाकी है।

राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि बदलते समीकरणों के बीच भाजपा की भूमिका और मजबूत हो सकती है और राज्य में पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। 2025 के विधानसभा चुनावों के बाद बने नए राजनीतिक परिदृश्य को इस फैसले से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि सहयोगी दलों के बीच सत्ता संतुलन को लेकर सहमति बन चुकी है। जदयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री भी बनाए जा सकते हैं। इधर, मुख्यमंत्री आवास के बाहर नीतीश समर्थकों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। नीतीश के कुछ समर्थकों ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है और उनका कहना है कि नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद छोड़ना जनादेश के खिलाफ है।

इसी बीच नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "संसदीय जीवन शुरू करने के समय से ही मेरे मन में एक इच्छा थी कि मैं बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों के साथ संसद के भी दोनों सदनों का सदस्य बनूँ। इसी क्रम में इस बार हो रहे चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाह रहा हूँ। मैं आपको पूरी ईमानदारी से विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि आपके साथ मेरा यह संबंध भविष्य में भी बना रहेगा एवं आपके साथ मिलकर एक विकसित बिहार बनाने का संकल्प पूर्ववत कायम रहेगा। जो नई सरकार बनेगी उसको मेरा पूरा सहयोग एवं मार्गदर्शन रहेगा।"

इस ट्ववीट से साफ है कि नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना अब तय है और इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। ऐसे में बिहार की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन और नई जिम्मेदारियों का औपचारिक ऐलान होना अब सिर्फ समय की बात मानी जा रही है। फिलहाल मुख्यमंत्री पद के लिए नित्यानंद राय और सम्राट चौधरी के नाम प्रमुखता से सामने आ रहे हैं। अब देखने वाली बात होगी कि क्या इन दोनों में से कोई एक ही मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालता है या फिर कोई तीसरा ही नाम सामने आएगा।

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