सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तानी ड्रोन की घुसपैठ, सुरक्षाबलों की सख्त कार्रवाई

Highlights रविवार शाम को पुंछ, राजौरी और सांबा ज़िलों में IB और LoC के पास संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए है। शक है कि इन ड्रोन का इस्तेमाल जासूसी या नशीले पदार्थों को गिराने के लिए किया जा रहा था। इससे पहले शुक्रवार को घगवाल इलाके से 2 पिस्तौल, 16 राउंड्स, मैगज़ीन और ग्रेनेड बरामद किए गए थे।

जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती इलाकों में एक बार फिर तनाव देखने को मिला है। रविवार शाम को पुंछ, राजौरी और सांबा ज़िलों में इंटरनेशनल बॉर्डर (IB) और लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन्स देखे गए हैं। इसके बाद सेना और सुरक्षाबलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

जानकारी के मुताबिक, सैनिकों ने राजौरी जिले में नौशेरा सेक्टर में एक संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखा। इसके बाद सेना ने तुरंत मशीन गन से फायरिंग शुरू कर दी। ये ड्रोन्स पाकिस्तान की ओर से भारतीय सीमा में घुसे थे और कुछ देर तक खब्बर और गनिया-कलसियां जैसे गाँवों के ऊपर उड़ते रहे। भारी फायरिंग के कुछ देर बाद वे वापस पाकिस्तान की ओर लौट गए।

सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि इन ड्रोन्स का इस्तेमाल जासूसी या हथियार और नशीले पदार्थ गिराने के लिए किया जा रहा था। इसी वजह से पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। सेना और पुलिस की टीमों ने सुनसान इलाकों में जांच की, ताकि ये पता लगाया जा सके कि कही कोई संदिग्ध वस्तु आसमान से गिराई तो नहीं गई। इस जॉइंट ऑपरेशन में जम्मू और कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG)​, बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF), सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) और सेना शामिल थे। जानकारी के लिए बता दें कि इंटरनेशनल बॉर्डर से सिर्फ़ एक किलोमीटर दूर स्थित कनाचक/कानाचक का इस्तेमाल पहले भी आतंकवादियों द्वारा घुसपैठ के रास्ते के तौर पर किया जाता रहा है।

ये घटना इसलिए भी गंभीर मानी जा रही है, क्योंकि इसके पहले शुक्रवार को सांबा जिले के घगवाल इलाके से 2 पिस्तौल, 16 राउंड्स, मैगज़ीन और ग्रेनेड बरामद किए गए थे। आशंका है कि इन्हें भी ड्रोन्स के ज़रिए ही भेजा गया था। हालात को देखते हुए स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है और सीमा के इलाकों में रात की गश्त बढ़ा दी गई है।

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