तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने त्योहार पोंगल से पहले राज्य के करोड़ों परिवारों को बड़ी राहत देते हुए "पोंगल गिफ्ट योजना" को लॉन्च कर दिया है। राज्य सरकार के इस फैसले के तहत चावल राशन कार्ड धारकों को 3 हज़ार रूपए की नगद सहायता दी जाएगी। इस योजना का लाभ लगभग 2.2 करोड़ राशन कार्ड धारक परिवारों को मिलेगा। राज्य के पुनर्वास शिविरों में रह रहे श्रीलंकाई तमिल परिवारों को भी इस योजना में शामिल किया गया है।
पोंगल गिफ्ट योजना के तहत सरकार केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि त्योहार से जुड़ा सामान भी वितरित करेगी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से हर पात्र परिवार को 1 किलो कच्चा चावल, 1 किलो शक्कर और एक पूरा गन्ना भी दिया जाएगा। इसके अलावा मुफ्त धोतियां और साड़ियां भी वितरित की जाएंगी ताकि लोग नए कपड़ों में त्योहार का आनंद ले सकें। मुख्यमंत्री स्टालिन ने चेन्नई जिले के अलंदुर से योजना के वितरण की शुरुआत की है। राजयभर में टोकन प्रणाली के ज़रिए वितरण किया जाएगा।
सरकार के मुताबिक, इस पूरी योजना पर 6,900 करोड़ रूपए से अधिक का खर्चा आएगा। पोंगल तमिलनाडु का एक बहुत अहम त्योहार माना जाता है। सरकार के मुताबिक, इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी परिवार आर्थिक तंगी के कारण त्योहार की खुशियों से वंचित न रहे। 2026 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले इसे एक मास्टरस्ट्रोक के तौर पर भी देखा जा रहा है, क्योंकि पिछले साल आर्थिक समस्याओं के कारण ये राशि नहीं दी गई थी। माना जा रहा है कि इस सहायता से गरीब परिवारों की बढ़ती हुई महंगाई से कुछ राहत मिलेगी।