राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बड़ा फेरबदल करते हुए नए राज्यपालों और उपराज्यपालों (LG) की नियुक्ति की है। ये फैसला तब आया जब पश्चिम बंगाल के राज्यपाल डॉ. सी. वी. आनंद बोस और लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने अपने पदों से अचानक इस्तीफा दे दिया। इस फेरबदल में सबसे चर्चा का विषय दिल्ली रहा। पूर्व डिप्लोमेट तरणजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। संधू विनय कुमार सक्सेना की जगह लेंगे। वही विनय कुमार सक्सेना को लद्दाख का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है। लद्दाख के पूर्व LG और जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री कविंदर गुप्ता अब हिमाचल प्रदेश के नए राज्यपाल के रूप में कार्यभार संभालेंगे। राष्ट्रपति भवन से जारी आदेश के मुताबिक, कई अनुभवी नेताओं को नई भूमिकाएं दी गईं हैं।
तमिलनाडु के पूर्व राज्यपाल और भारत के पूर्व उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (Deputy NSA) आर.एन. रवि को अब पश्चिम बंगाल का नया राज्यपाल बनाया गया है। तेलंगाना के राज्यपाल और त्रिपुरा के पूर्व उपमुख्यमंत्री जिष्णु देव वर्मा को महाराष्ट्र का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। भारत के पूर्व सैन्य सचिव और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन को बिहार का नया राज्यपाल बनाया गया है। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल अब तेलंगाना के नए राज्यपाल होंगे। वहीं बिहार से भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नंद किशोर यादव को नागालैंड का नया राज्यपाल बनाया गया। केरल के राज्यपाल और गोवा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को फिलहाल तमिलनाडु का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में आगामी चुनावों को देखते हुए ये नियुक्तियां काफी अहम मानी जा रही है। सरकार ने इन पदों पर राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव रखने वाले चेहरों को प्राथमिकता दी है, ताकि राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर तालमेल बना रहे। ये सभी नियुक्तियां उस दिन से प्रभावी होंगी, जिस दिन ये सभी अधिकारी अपने-अपने पदों का कार्यभार संभालेंगे। अन्य बचे हुए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्यपालों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।