प्रधानमंत्री मोदी नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में हुए शामिल, कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों ने लिया भाग

Highlights नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करने के लिए संसद के बजट सत्र की बैठक 16 अप्रैल से होने जा रही है। इस अधिनियम को लागू करने के लिए 2029 तक की समय सीमा को भी ध्यान में रखा जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया की आज भारत में 14 लाख से अधिक महिलाएं स्थानीय सरकारी निकायों में सेवाएं दे रही है।

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार, 13 अप्रैल को राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित "नारी शक्ति वंदन सम्मेलन" में भाग लिया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर और राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर भी उपस्थित थी। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों की कई हस्तियों ने भाग लिया, जिनमें पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, गायिका मालिनी अवस्थी, कथक डांसर और एक्ट्रेस प्राची शाह पंड्या और राज्यसभा की मनोनीत सदस्य सुधा मूर्ति भी शामिल थीं। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित भी किया।

अपने भाषण में उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र करते हुए कहा कि, "2023 में, संसद की नई इमारत में, हमने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पेश किया। इसे समय पर लागू किया जा सके, इसके लिए संसद के बजट सत्र की एक विशेष बैठक 16 अप्रैल से होने जा रही है। नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम के माध्यम से, हमें देश की लाखों माताओं और बहनों का आशीर्वाद मिल रहा है। मैं आज देश की लाखों माताओं और बहनों का आशीर्वाद लेने आया हूं।"

उन्होंने आगे कहा, "मैं भारत की सभी महिलाओं को एक नए युग के आगमन पर बधाई भी देता हूं। दशकों से, हर किसी ने लोकतांत्रिक ढाँचे में महिलाओं के लिए आरक्षण की आवश्यकता महसूस की है। इस पर चर्चाएँ भी हुईं। इस चर्चा को हुए लगभग चार दशक बीत चुके हैं। इसमें सभी दलों और कई पीढ़ियों के प्रयास शामिल हैं। हर दल ने अपने-अपने तरीके से इस विचार को आगे बढ़ाया है। जब 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पेश किया गया, तो सभी दलों ने इसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया।"

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे बताया कि, "इस बात की भी सर्वसम्मत मांग थी कि इसे किसी भी कीमत पर 2029 तक लागू किया जाना चाहिए। हम 2029 की समय सीमा को ध्यान में रख रहे हैं। इस पर संसद में 16 अप्रैल से एक विस्तृत चर्चा होने जा रही है। हमारा यह प्रयास और हमारी यह इच्छा है कि इस बार भी यह कार्य आपसी सहयोग और भागीदारी के साथ संपन्न हो। सभी के सामूहिक प्रयासों से, पूरे सदन की गरिमा नई ऊंचाइयों को छुएगी। देश की हर महिला भी इस बात से प्रसन्न होगी कि हर पार्टी ने राजनीति से ऊपर उठकर उनके हित के लिए इस महत्वपूर्ण कार्य को अपने हाथ में लिया है।"

इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारतीय महिलाओं ने स्वतंत्र भारत की नींव रखने में भी अपना बहुमूल्य योगदान दिया है। उनके अनुसार, हमारे देश में जब भी महिलाओं ने राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री पद संभाले हैं, उन्होंने अपनी एक अलग विरासत बनाई है। आज भी महिलाएं, राष्ट्रपति से लेकर वित्त मंत्री जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर आसीन है। उन्होंने देश की गरिमा और गौरव, दोनों को बढ़ाया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि आज, भारत में 14 लाख से अधिक महिलाएं स्थानीय सरकारी निकायों में सफलतापूर्वक अपनी सेवाएं दे रही हैं। लगभग 21 राज्यों में, पंचायतों में उनकी भागीदारी लगभग 50 प्रतिशत तक पहुंच गई है। राजनीति और सामाजिक जीवन में लाखों महिलाओं की सक्रिय भागीदारी, दुनिया के सबसे प्रमुख नेताओं और राजनीतिक विशेषज्ञों के लिए भी विस्मयकारी है और यह भारत के लिए अत्यंत गौरव का विषय है।

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