भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कर्नाटक के मांड्या जिले में स्थित श्री क्षेत्र आदिचुंचनगिरी में श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर का उद्घाटन किया। उन्होंने श्री कालभैरव मंदिर में दर्शन-पूजन भी किए। श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर, श्री आदिचुंचनगिरी महासंस्थान मठ के 71वें पीठाधिपति और संत, श्री श्री श्री डॉ. बाल गंगाधरनाथ महास्वामीजी को समर्पित एक स्मारक है। प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा के साथ मिलकर सौंदर्य लहरी और शिव महिम्न स्तोत्रम नामक पुस्तकों का संयुक्त रूप से विमोचन भी किया।
इस दौरान उनके साथ मठ के 72वें पीठाधिपति जगद्गुरु श्री श्री श्री डॉ. निर्मलानंदनाथ महास्वामीजी, कर्नाटक के राज्यपाल थावर चंद गेहलोत और भारत के भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी समेत कई अन्य नेता भी मौजूद थे। मंदिर के उद्घाटन के बाद उन्होंने स्थानीय जनता को एक कार्यक्रम में संबोधित भी किया।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "श्री काल भैरव मंदिर में दर्शन और पूजन करना, श्री गुरु भैरवैैक्य मंदिर के भव्य उद्घाटन का साक्षी बनना और इस ऐतिहासिक पवित्र स्थल पर समय बिताना, यह अनुभव हमेशा मेरे साथ रहेगा। मैं इसे अपना सौभाग्य मानता हूँ कि मुझे आप सबके बीच आने का अवसर मिला। कर्नाटक आना मेरे लिए हमेशा ही बेहद खुशी की बात होती है। जब भी मैं यहाँ आता हूँ, मुझे एक नई प्रेरणा मिलती है। यह धरती गन्ने की मिठास के लिए जानी जाती है और यही मिठास यहां के लोगों की बातों में भी झलकती है।"
प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, कर्नाटक तत्वज्ञान और तंत्रज्ञान दोनों में समृद्ध है। उन्होंने कहा, "दर्शन की गहराई और टेक्नोलॉजी की शक्ति दोनों यहां मौजूद है। श्री आदिचुंचनगिरी महासंस्थान मठ जैसे आध्यात्मिक केंद्र इस महान भूमि का एक महान योगदान हैं।"
प्रधानमंत्री मोदी ने श्री श्री श्री डॉ. बाल गंगाधरनाथ महास्वामीजी का स्मरण करते हुए कहा, "स्वामीजी ने एजुकेशन के क्षेत्र में सैकड़ों संस्थाओं की स्थापना की है, जहां प्राइमरी लेवल से लेकर मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसे प्रोफेशनल कोर्स तक की शिक्षा प्रदान की जा रही है। इसका सबसे अधिक लाभ गरीब और ग्रामीण परिवारों से आने वाले बच्चों को मिला है। उन्होंने ऐसे हेल्थ केयर इंस्टीट्यूशंस बनाए, जहां आज भी सेवाभाव से काम हो रहा है। आज श्री गुरु भैरवैैक्य मंदिर में उपस्थित होना और जगतगुरु श्री श्री श्री डॉ. बाल गंगाधरनाथ महास्वामीजी का आशीर्वाद प्राप्त करना मेरे लिए सौभाग्य की बात है।"
प्रधानमंत्री मोदी ने महास्वामीजी द्वारा मोरों (Peacocks) की रक्षा के लिए खड़े किए सामाजिक आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा, "मोर हमारे देश का राष्ट्रीय पक्षी और भगवान सुब्रमण्य का वाहन भी है। दिल्ली में, आप सभी देशवासियों की कृपा से, भारत सरकार द्वारा मुझे दिए गए सरकारी आवास में भी मोर हैं और उनमें से कई के साथ मेरी अच्छी दोस्ती हो गई है।"
उन्होंने वहां मौजूद जनता के सामने 9 आग्रह रखते हुए कहा, "मेरा पहला आग्रह यह है कि हम सभी जल बचाने और जल का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने का संकल्प लें।" मेरा दूसरा आग्रह पेड़ और प्रकृति से जुड़ा है। 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत करोड़ों लोगों ने अपनी माताओं के नाम पर पेड़ लगाए हैं। हम भी अपनी माँ के सम्मान में पेड़ लगाएं और धरती माता की रक्षा का संकल्प लें।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मेरा तीसरा आग्रह स्वच्छता को लेकर है। चाहे कोई धार्मिक स्थल हो या सार्वजनिक स्थान, गांव हो या शहर, हर जगह स्वच्छता बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। मेरा चौथा आग्रह स्वदेशी और आत्मनिर्भरता से जुड़ा हुआ है। हम भारतीय उत्पादों को अपनाएं। भारतीय मैन्युफैक्चरर्स और उद्योगों को मजबूत करें। 'वोकल फॉर लोकल' के मंत्र को लेकर जीएं।
मेरा 5वां आग्रह देश की सुंदरता को देखने से जुड़ा है। हम अपने देश को जानें, देश के अलग-अलग कोनों में घूमें। डोमेस्टिक टूरिज्म को बढ़ावा दें। मेरा छठा आग्रह किसानों से है कि वे केमिकल फ्री प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें। मेरा 7वां आग्रह स्वस्थ खानपान से जुड़ा है। युवा पीढ़ी मिलेट्स को अपने भोजन में शामिल करें और अपने भोजन में तेल की मात्रा 10% कम करने का प्रयास करें।"
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, "मेरा 8वां आग्रह योग, खेल और फिटनेस से जुड़ा है। हम सभी को इन्हें अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। मेरा 9वां आग्रह सेवा-भाव से जुड़ा है, जिसे आप अपने कार्यों के माध्यम से लगातार प्रदर्शित कर रहे हैं। "