महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद प्रियंका गांधी की प्रेस कांफ्रेंस, कहा संविधान और देश की जीत हुई

Highlights प्रियंका ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा की उस बिल को वापस लाएं, जो 2023 में सर्वसम्मति से पारित हुआ था। उन्होंने कहा की केंद्र को पहली बार एक झटका लगा है, जिसके वो हकदार थे। प्रियंका के मुताबिक, देश की महिलाएं अब सरकार पर भरोसा नहीं कर सकतीं है।

17 अप्रैल को संविधान (131वां) संशोधन बिल, 2026 को लेकर लोकसभा में वोटिंग हुई, जिसमें इसके पक्ष में 278 और विरोध में 211 वोट्स पड़े। जरूरी दो-तिहाई बहुमत न मिल पाने के कारण ये बिल लोकसभा में गिर गया। इस कड़ी में आज वायनाड से लोकसभा सांसद और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज एक प्रेस कांफ्रेस की। इस दौरान उनके साथ कर्नाटक से राज्यसभा सांसद जयराम रमेश भी उपस्थित थे। कांफ्रेंस की शुरूआत करते हुए प्रियंका ने कहा कि कल जो हुआ, वो लोकतंत्र के लिए एक बहुत बड़ी जीत थी। उनके मुताबिक, ये संघीय ढांचे को बदलने और लोकतंत्र को कमजोर करने की एक साजिश थी, जिसे हराया गया और रोका गया। उन्होंने इसे संविधान, देश और विपक्ष की एकता की जीत बताया।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, "यह केंद्र के लिए एक काला दिन है, क्योंकि उन्हें पहली बार एक झटका लगा है, जिसके वे हकदार थे। आज महिलाओं की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। संघर्ष भी बढ़ रहा है। महिलाएं बेवकूफ नहीं हैं। वे सब कुछ देखती हैं। PR और मीडिया का शोर-शराबा अब और नहीं चलेगा। अगर आप कुछ ठोस करना चाहते हैं, तो उस बिल को वापस लाएं जो 2023 में सर्वसम्मति से पास हुआ था और जिसे सभी पार्टियों का समर्थन मिला था। अगर आपको उसमें कुछ छोटे-मोटे बदलाव करने की जरूरत है ताकि उसे अभी लागू किया जा सके, तो उसे करें और अभी लागू करें। महिलाओं को उनके अधिकार दें, अभी इसी वक्त। लेकिन बातों को तोड़-मरोड़कर और दूसरी चीजों से जोड़कर उन्हें गुमराह करने की कोशिश न करें।"

उन्होंने आगे बताया, "हम बहुत साफ तौर पर कह रहे हैं और हम यह हर मंच से कहेंगे, हम यह हर राज्य में कहेंगे। सिर्फ कांग्रेस पार्टी ही नहीं, बल्कि INDIA गठबंधन की हर पार्टी यह बहुत साफ तौर पर कहेगी, वह 2023 का कानून वापस लाओ जो पास हुआ था।  उसमें जो भी बदलाव करना चाहते हो, करो, ताकि 2029 तक उसे लागू किया जा सके। हम उसका पूरा समर्थन करेंगे। इस सरकार के लिए हालात बदल गए हैं। उनके कामों से यह साफ दिखाई देता है। इस दौरान प्रियंका ने भारत-अमेरिका डील का भी जिक्र किया।

उन्होंने कहा , "पहली बात तो यह कि उन पर बहुत ज्यादा अंतरराष्ट्रीय दबाव है। मुझे नहीं लगता कि कोई भी भारतीय प्रधानमंत्री अमेरिका के साथ की गई डील की शर्तें स्वीकार करता, जब तक कि उस पर बहुत ज्यादा दबाव न होता। जनता कई तरह की समस्याओं से जूझ रही है। गैस, फल, सब्जियों, हर चीज के दाम बढ़ गए हैं। इसका बोझ महिलाओं के कंधों पर है। वे अपने महिला मोर्चा को लेकर जिसके भी घर के सामने जाना चाहें, जा सकते हैं। वे जितना चाहें, उतना तमाशा कर सकते हैं। इस देश की जनता अब जाग चुकी है और उसे यह बात समझ आ गई है कि ये लोग अपनी कही बात पर कायम नहीं रहते। इन पर भरोसा नहीं किया जा सकता और यकीनन महिलाएँ तो इन पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं कर सकतीं।"

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