राज्यसभा से एक बड़ी खबर सामने आई है। उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सी. पी. राधाकृष्णन ने आम आदमी पार्टी (AAP) के 7 सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया है। सोमवार को घोषित इस निर्णय से राज्यसभा में AAP की संख्या 10 से घटकर मात्र 3 रह गई है, वहीं भाजपा की सीटों की संख्या बढ़कर 113 हो गई है। BJP में विलय करने वाले सांसदों में राघव चड्ढा, डॉ. संदीप पाठक, अशोक मित्तल, राजिंदर गुप्ता, हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी और स्वाति मालीवाल जैसे नाम शामिल हैं।
AAP सांसद संजय सिंह कहते हैं, "राज्यसभा चेयरमैन का यह फैसला 7 सांसदों के BJP में शामिल होने के पत्र पर आधारित है। लेकिन जब चेयरमैन मेरे पत्र पर संज्ञान लेंगे, जिसमें कहा गया है कि इन सांसदों की सदस्यता निलंबित की जानी चाहिए, तो मुझे उम्मीद है कि वे संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपना फैसला देंगे।"
BJP में शामिल होने के बाद राघव चड्ढा ने एक और वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया कि, "जिस पार्टी को मैंने अपने खून-पसीने से सींचा, अपने प्राइम यूथ के 15 साल दिए, आज ये पार्टी वो पुरानी वाली पार्टी नहीं रही। इस पार्टी में आज एक टॉक्सिक वर्क एनवायरमेंट है। आपको काम करने से रोका जाता है, पार्लियामेंट में बोलने से रोका जाता है। ये पॉलिटिकल पार्टी आज कुछ चंद करप्ट और कंप्रोमाइज्ड लोगों के हाथ में फंसकर रह गई है, जो अब देश के लिए नहीं, अपने निजी फायदे के लिए काम करते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "पिछले कुछ सालों से मैं ये फील कर रहा था, देट परहैप्स 'आय एम द राइट मैन इन द रॉन्ग पार्टी।' इसी के चलते मेरे सामने सिर्फ 3 ऑप्शंस थे। पहला ऑप्शन कि मै पॉलिटिक्स ही छोड़ दूं। दूसरा ऑप्शन कि मै इसी पार्टी में रहूं और चीजें ठीक करने की कोशिश करूं, जो हुआ नहीं। तीसरा ऑप्शन कि मै एक और पॉलिटिकल पार्टी के साथ जुड़कर, अपनी एनर्जी और एक्सपीरियंस को लेकर पॉजिटिव पॉलिटिक्स करूं। इसलिए मैने अकेले ने नहीं, मेरे साथ 6 अन्य सांसदों ने फैसला लिया कि हम इस पार्टी से अपना रिश्ता तोड़ते हैं। एक आदमी गलत हो सकता है, दो आदमी गलत हो सकते हैं, लेकिन 7 लोग गलत नहीं हो सकते।"
उपराष्ट्रपति के फैसले के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक ट्वीट में लिखा कि, "राज्यसभा के माननीय सभापति सी.पी. राधाकृष्णन जी ने AAP के 7 सांसदों के BJP में विलय को स्वीकार कर लिया है। अब, राघव चड्ढा जी, संदीप पाठक जी, अशोक मित्तल जी, हरभजन सिंह जी, स्वाति मालीवाल जी, राजिंदर गुप्ता जी और विक्रमजीत सिंह साहनी जी BJP संसदीय दल के सदस्य हैं। मैंने लंबे समय से यह देखा है कि इन 7 माननीय सांसदों ने कभी भी अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं किया और न ही कभी कोई अनुशासनहीनता या असंसदीय आचरण किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र निर्माण में जुटे NDA में आपका स्वागत है और 'टुकड़े-टुकड़े' INDI गठबंधन को अलविदा।"