पश्चिम बंगाल में हाई वोटर टर्नआउट के बीच सामने आई चुनावी हिंसा की खबरें

Highlights आसनसोल दक्षिण से भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की गाड़ी का ग्लास बड़े पत्थर से तोड़ दिया गया। कुमारग्राम से भाजपा कैंडिडेट सुभेंदु सरकार पर TMC के कार्यकर्ताओं ने हमला कर दिया। मुर्शिदाबाद में भी TMC और हुमायूं कबीर की AJUP के कार्यकर्ताओं के बीच पथराव हुआ।

आज तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर तथा पश्चिम बंगाल में प्रथम चरण में 152 सीटों पर चुनाव हो रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, दोपहर 3 बजे तक तमिलनाडु में 70.00% और पश्चिम बंगाल में 78.77% वोटर टर्नआउट दर्ज किया गया है। तमिलनाडु में तो किसी प्रकार की हिंसा की खबर अब तक सामने नहीं आई है, मगर पश्चिम बंगाल से हिंसा-तनाव की खबरें सामने आ रही हैं। इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) प्रत्याशियों पर ही हमले की घटनाएं सामने आईं हैं। ताजा घटना में, आसनसोल दक्षिण से BJP उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की गाड़ी बर्नपुर के रहमतनगर इलाके में तोड़ दी गई। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि, "जैसे ही मैं कार में बैठी, किसी ने एक बड़े पत्थर से कार का ग्लास तोड़ दिया। ऐसी घटनाएँ बार-बार हो रही हैं।"

ऐसे ही एक अन्य प्रसंग में, कुमारग्राम से BJP कैंडिडेट सुभेंदु सरकार ने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के गुंडों ने उन पर हमला कर दिया। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बताया कि कुमारगंज विधानसभा क्षेत्र में, 8-10 पोलिंग स्टेशनों पर हमारे पोलिंग एजेंटों को जबरदस्ती हटा दिया गया। मैंने खुद दखल दिया और यह सुनिश्चित किया कि उन्हें वापस अंदर जाने दिया जाए। जब ​​मैं जमीनी हालात का जायजा लेने बूथ नंबर 24 पर गया, तो उन्होंने मेरी पूरी टीम और मुझ पर हमला कर दिया।

सरकार ने आगे बताया कि उनका मकसद साफ तौर पर डर और खौफ का माहौल बनाना था। पोलिंग स्टेशन पर केंद्रीय बल मौजूद थे, वे परिसर के अंदर ही थे। लेकिन जब मैं वहां पहुंचा, तो मेरे साथ सिर्फ मेरा बॉडीगार्ड था, हमारे साथ और कोई नहीं था। ममता बनर्जी चुनाव हार चुकी हैं और तृणमूल कांग्रेस इस इलाके की चारों सीटें हार रही है। पूरी तरह से हताशा और डर की वजह से, उन्होंने हम पर हमला किया। इससे पूर्व मुर्शिदाबाद में भी TMC और हुमायूं कबीर की आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के कार्यकर्ताओं के बीच हिंसा की खबर भी सामने आ चुकी है। जानकारी के अनुसार, दोनों ओर से एक-दूसरे पर पत्थर भी फेंके गए थे। बाद में पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की गई।

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