बिहार की राजनीति के लिए 15 अप्रैल का दिन बेहद खास रहा। बड़े लंबे समय के बाद सम्राट चौधरी के रूप में राज्य को एक नया मुख्यमंत्री मिला। पटना के लोक भवन में आयोजित एक अत्यंत गरिमामय समारोह में उन्होंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (रिटायर्ड) ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। उनके अलावा जनता दल यूनाइटेड (JDU) के विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव ने भी बिहार के उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वर्तमान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तारापुर सीट, वहीं उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी सरायरंजन से और बिजेंद्र प्रसाद यादव सुपौल सीट से विधायक हैं।
शपथ ग्रहण से पूर्व उन्होंने पटना स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर दर्शन तथा पूजा-अर्चना की। शपथ ग्रहण के बाद सम्राट चौधरी बिहार के 24वें और भारतीय जनता पार्टी (BJP) से राज्य के पहले मुख्यमंत्री बन चुके हैं। इस समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत कई अन्य नेता भी उपस्थित थे। JDU की ओर से भी एक नया रिकॉर्ड कायम हुआ, जब पहली बार इस पार्टी से किसी ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। 3 मार्च 2000 से 10 मार्च 2000, 24 नवंबर 2005 से 20 मई 2014 और फिर 22 फरवरी 2015 से 15 अप्रैल 2026 तक JDU से नीतीश कुमार ने ही बिहार की कमान संभाली हुई थी। इस दौरान उन्होंने कई बार गठबंधन भी बदले, मगर अंत में मुख्यमंत्री की कुर्सी नीतीश कुमार के पास ही रही।
शपथ ग्रहण से पूर्व विजय कुमार चौधरी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, "इस जिम्मेदारी के लिए, मैं अपने नेता का आभार व्यक्त करता हूँ, क्योंकि आज हमें जो भी पद मिलने वाला है, वह सिर्फ नीतीश कुमार के भरोसे की वजह से ही है। उनके दिखाए रास्ते पर चलकर, हम पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ बिहार की जनता की सेवा करते रहेंगे। हमने बिहार की जनता के हित में अच्छा काम किया है, और भविष्य में भी हमारे यही प्रयास जारी रहेंगे।"