राज्यसभा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्यसभा के उपसभापति पद के लिए 17 अप्रैल को चुनाव होंगे और सत्ताधारी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) द्वारा इस अहम पद पर पूर्व उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ही दोबारा उम्मीदवार हो सकते हैं। राज्यसभा के उपसभापति का पद 9 अप्रैल को हरिवंश का कार्यकाल खत्म होने के बाद खाली हो गया था। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हरिवंश को उच्च सदन के लिए नॉमिनेट किया और उन्होंने 10 अप्रैल को शपथ ली। केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा, जो राज्यसभा में सदन के नेता भी हैं, ने हरिवंश को उपसभापति के तौर पर दोबारा चुनने के मुद्दे पर अलग-अलग पार्टियों के नेताओं से चर्चा की। इस दौरान उन्होंने हरिवंश के नाम पर आम सहमति बनाने की भी कोशिश की है।
हरिवंश नारायण सिंह को सर्वप्रथम जनता दल यूनाइटेड (JDU) द्वारा 2014 में बिहार से राज्यसभा भेजा गया था। 2020 में उनका टर्म पूरा होने के बाद उन्हें फिर से 6 वर्षों के लिए राज्यसभा भेजा गया था। हरिवंश ने अगस्त 2018 से अप्रैल 2020 और फिर सितंबर 2020 से लेकर अप्रैल 2026 तक इस उच्च सदन के उपसभापति के रूप में कार्य किया। 10 अप्रैल से राज्यसभा में उनका तीसरा टर्म शुरू हुआ है। यदि वे पुनः उपसभापति चुने जाते हैं, तो भारत के इतिहास में शायद ऐसा पहली बार होगा कि कोई नॉमिनेटेड सदस्य इस पद पर पहुंचेगा।
इस चुनाव को देखते हुए संख्याबल की बात करें, तो NDA ही इस समय सबसे ताकतवर है। राज्यसभा में इस गठबंधन के कुल 139 सदस्य हैं, जिनमें BJP के सबसे अधिक 106 हैं। अन्य प्रमुख सहयोगी दलों में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कळगम (AIADMK) के 5, JDU के 4, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के 4, तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के 2 और शिवसेना (SS) के भी 2 सांसद हैं। वहीं विपक्षी गठबंधन पर नजर डालें, तो इसमें कुल 75 सांसद हैं। इनमें कांग्रेस के सर्वाधिक 29 सदस्य हैं। अन्य प्रमुख दलों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 13, द्रविड़ मुन्नेत्र कळगम (DMK) के 8, समाजवादी पार्टी (SP) के 4, जम्मू और कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस (JKNC) के 3, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के 3, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के 2 और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के 2 सदस्य हैं।