राष्ट्रपति अभिभाषण पर बहस में डोकलाम को लेकर सरकार और विपक्ष आमने सामने

Highlights डोकलाम मुद्दे पर राहुल गांधी के सवालों से लोकसभा में हंगामा हुआ। अप्रकाशित संस्मरण से कोट करने पर राजनाथ सिंह और अमित शाह ने आपत्ति जताई। अखिलेश यादव ने राहुल के समर्थन में की विपक्ष को बोलने देने की मांग।

आज लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान उस वक्त भारी हंगामा हुआ, जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने डोकलाम मुद्दे पर सरकार को घेरा। राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे के एक अप्रकाशित (unpublished) संस्मरण का हवाला देते हुए सरकार पर सवाल उठाए। राहुल गांधी के इस बयान के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने तुरंत हस्तक्षेप किया। जब राहुल गांधी ने अप्रकाशित संस्मरण से कोट (quote) करना शुरू किया, तो राजनाथ सिंह ने आपत्ति जताई और कहा कि लोकसभा के नियमों के तहत अप्रकाशित संस्मरण से कोट करना नियमों के खिलाफ है। उन्होंने राहुल गांधी से सदन के सामने इसे प्रमाणित करने को कहा।

इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने भी चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि उन्होंने भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या का भाषण सुना था और उन्होंने किसी भी बिंदु पर विपक्ष की देशभक्ति पर सवाल नहीं उठाया। अमित शाह ने कहा कि तेजस्वी सूर्या ने अपने भाषण में 2004 से 2014 के दौर का ज़िक्र किया था और उस समय की सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए थे, न कि विपक्ष के चरित्र या राष्ट्रवाद पर। अमित शाह ने आगे कहा कि विपक्ष यह कह रहा है कि उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा, जबकि वे स्वयं संसदीय नियम 389 का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे में सदन की कार्यवाही कैसे सुचारू रूप से चलेगी।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी राहुल के बचाव में आए और कहा कि, "लोहियाजी (डॉ. राम मनोहर लोहिया), नेताजी (अखिलेश के पिता मुलायम सिंह यादव) और जॉर्ज फर्नांडीज़ इन सभी ने हमें चीन को लेकर सावधान किया था। चीन से जुड़ा ये मुद्दा बेहद संवेदनशील है। विपक्ष के नेता को बोलने दिया जाए।" लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी संसदीय नियमों का हवाला देते हुए कहा कि सदन की कार्यवाही से सीधे तौर पर संबंधित न होने वाले मामलों पर पुस्तकों या समाचार पत्रों की कटिंग से कोट करने की अनुमति नहीं है।

इससे पहले, भारतीय जनता पार्टी के सांसद तेजस्वी सूर्या ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान यूपीए सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने वर्ष 2004 से 2014 के कालखंड को अवसरों के नुकसान का दशक बताया और कहा कि उस समय केवल बहानेबाज़ी की राजनीति हुई। उन्होंने कहा कि कमजोर नेतृत्व और सशक्त नेतृत्व के अंतर से कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच का फर्क साफ तौर पर दिखाई देता है।

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