22 अप्रैल का दिन देवाधिदेव महादेव के भक्तों के लिए बहुत खास रहा। उत्तराखंड स्थित भगवान केदारनाथ धाम के कपाट पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। इस अवसर पर दर्शन करने के लिए देश-दुनिया से हजारों लोग वहां पर पहुंचे हैं। भगवान केदारनाथ का मंदिर बड़ा ही सुंदर लग रहा है। पूरे मंदिर परिसर को करीब 51 क्विंटल फूलों से सजाया गया है। कपाट खुलने की प्रक्रिया कुछ दिन पहले ही शुरू हो गई थी। बाबा की पंचमुखी डोली अपने शीतकालीन प्रवास स्थल ऊखीमठ से रवाना होकर फाटा और गौरीकुंड होते हुए केदारपुरी पहुंच गई थी।
इस अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी अपनी पत्नी गीता धामी के साथ उपस्थित थे। दोनों श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के समारोह में शामिल हुए और पूजा-अर्चना की। उन्होंने नंदी जी की भी विशेष पूजा की। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, "यह सचमुच एक बेहद सुखद अनुभव है। मंदिर समिति ने यहां बेहतरीन इंतजाम किए हैं, जिससे अब आम लोग भी कम समय में आसानी से बाबा के दर्शन कर पा रहे हैं। अब तक, हजारों भक्तों को बाबा की एक झलक पाने का सौभाग्य प्राप्त हो चुका है।" उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (रिटायर्ड) ने X पर बधाई देते हुए कहा, "श्री केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के पावन अवसर पर सभी श्रद्धालुओं को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। देवाधिदेव भगवान भोलेनाथ की कृपा से हम सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और शांति बनी रहे, यही मंगलकामना है। हर हर महादेव!"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस पावन अवसर पर X पर एक पत्र जारी करते हुए ट्वीट किया, " देवभूमि उत्तराखंड की पवित्र धरती पर आज श्री केदारनाथ धाम के कपाट पूरे विधि-विधान के साथ हम सभी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। केदारनाथ धाम और चारधाम की यह यात्रा हमारी आस्था, एकता और समृद्ध परंपराओं का दिव्य उत्सव है। इन यात्राओं से हमें भारत की सनातन संस्कृति के दर्शन भी होते हैं। मेरी कामना है कि बाबा केदार सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और आपकी यात्राओं को शुभ करें। हर-हर महादेव!" इस पत्र में उन्होंने धाम और उसके आस-पास साफ-सफाई बनाए रखने, नदियों को साफ रखने, वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा, यात्रा के नियमों और यातायात निर्देशों का पालन करने पर जोर दिया है।