पाकिस्तान से जुड़े जासूसी रैकेट में तीन और गिरफ्तार, आरोपियों की संख्या बढ़कर हुई 21

Highlights गाजियाबाद में पाकिस्तान से जुड़ा जासूसी नेटवर्क पकड़ा गया, अब तक 21 गिरफ्तार। सोशल मीडिया के जरिए युवाओं और नाबालिगों को किया जाता था रिक्रूट। CCTV कैमरे के जरिए फोटो-वीडियो पाकिस्तान भेजे जा रहे थे।

गाजियाबाद में पिछले कुछ दिनों से सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस एक बड़े जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश करने में जुटी हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक, इस मामले में तीन और लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिसके बाद अब तक पकड़े गए आरोपियों की कुल संख्या 21 हो गई है। यह गिरोह सीधे तौर पर भारत की गोपनीय जानकारी सरहद पार भेज रहा था।

पकड़े गए इन नए आरोपियों में समीर उर्फ शूटर का नाम प्रमुखता से सामने आया है, जो बिहार के भागलपुर का रहने वाला है और फिलहाल दिल्ली में छिपा हुआ था। पुलिस के अनुसार, वह इस नेटवर्क का एक मुख्य व्यक्ति था। उसके साथ ही शाहजहांपुर के शिवराज को भी हिरासत में लिया गया है। शिवराज फिलहाल गाजियाबाद में रह रहा था।

पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है कि ये एक सुनियोजित तरीके से काम करने वाला नेटवर्क था। ये लोग दिल्ली कैंट जैसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों और सैन्य ठिकानों के पास छिपकर सोलर पावर से चलने वाले सीसीटीवी कैमरे लगा रहे थे। इसके द्वारा लिए फोटो, वीडियो आदि सीधे पाकिस्तान में बैठे उनके आकाओं, जिन्हें सरदार या जोरावर सिंह के नाम से जाना जाता है, तक पहुंचाए जा रहे थे।

इस गिरोह की सबसे हैरान कर देने वाली बात यह है कि इन्होंने गरीब और तकनीकी रूप से समझ रखने वाले युवाओं को अपना निशाना बनाया। गिरफ्तार किए गए 21 लोगों में से 6 नाबालिग हैं। इन्हें सोशल मीडिया के जरिए ही रिक्रूट किया गया था। मोबाइल रिपेयरिंग और सीसीटीवी लगाने का काम जानने वाले लड़कों को हर वीडियो या जानकारी के बदले 5 हजार से 15 हजार रूपए तक दिए जाते थे। पुलिस का कहना है कि पैसा सीधे बैंक खातों में नहीं बल्कि छोटे दुकानदारों या मनी ट्रांसफर सेंटर्स के जरिए भेजा जाता था ताकि किसी को शक न हो।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान मीरा (28), नौशाद अली (20), इरम उर्फ ​​महक (25), सुहेल उर्फ रोमियो (23), राज वाल्मिकी (21), प्रवीण (19) शिवा वाल्मिकी (20), गणेश (20), विवेक (18), गगन कुमार प्रजापति (22), रितिक गंगवार (23) और दुर्गेश निषाद (26) के रूप में हुई है। एक स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरोह को शक से बचने के लिए कम पढ़े-लिखे हिंदू नाबालिग लड़कों को भर्ती करने का निर्देश दिया गया था। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भी आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

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