ओडिशा के केंदुझार जिले से एक बड़ी हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां एक आदिवासी व्यक्ति अपनी मृत बहन का कंकाल लेकर बैंक पहुंचा, ताकि उसके नाम पर जमा पैसे निकाल सके। इस व्यक्ति की पहचान दियानाली गांव के 50 वर्षीय जीतू मुंडा के रूप में हुई है। ये घटना ओडिशा ग्रामीण बैंक की मालीपोसी शाखा में हुई। जीतू अपनी मृत बहन कालरा मुंडा (56) के बैंक खाते से 20 हजार रूपए निकालना चाहते थे। जानकारी के मुताबिक, कालरा की मृत्यु इसी वर्ष जनवरी में हो चुकी है।
इस घटना पर मीडिया से बात करते हुए जीतू ने बताया, "मैं कई बार बैंक के चक्कर लगा चुका हूँ और वहां के लोगों ने मुझसे कहा कि जमा पैसे निकालने के लिए मैं खाताधारक को साथ लेकर आऊँ। हालाँकि मैंने उन्हें बताया कि उसकी मृत्यु हो चुकी है, लेकिन उन्होंने मेरी बात नहीं सुनी और उसे बैंक लाने की जिद करते रहे। इसलिए, हताशा में आकर मैंने कब्र खोदी और उसकी मौत के सबूत के तौर पर उसका कंकाल बाहर निकाल लाया।" बताया जा रहा है कि कालरा के पति और बेटे की पहले ही मौत हो चुकी है।
इस पूरे घटनाक्रम पर केंदुझार के सब-कलेक्टर उमा शंकर दलाई ने बताया कि, "उस आदिवासी व्यक्ति को प्रक्रिया से जुड़ी बातों की जानकारी नहीं थी। हताशा में आकर उसने ऐसा किया। पहली नजर में ऐसा लगता है कि चूंकि यह व्यक्ति अपनी बहन का 'प्रथम श्रेणी का कानूनी वारिस' नहीं है, इसलिए संबंधित बैंक ने उससे जिन दस्तावेजों की मांग की थी, वो वह पेश नहीं कर सका। आज वह जरूरी दस्तावेजों के लिए आवेदन करेगा। हम बैंक के साथ परामर्श करके 20 हजार रूपए की रेड क्रॉस सहायता, मृत्यु प्रमाण पत्र और कानूनी वारिस प्रमाण पत्र की प्रक्रिया में तेजी लाने और जमा की गई राशि को कानूनी वारिसों को जारी करवाने में मदद कर रहे हैं।"