त्रिपुरा में इस समय त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (TTAADC) चुनावों को लेकर माहौल काफी गर्म है। इन चुनावों के लिए प्रचार आज शाम 4 बजे खत्म हो जाएगा। 30 सदस्यों वाले TTAADC के लिए 12 अप्रैल को चुनाव आयोजित होंगे, वहीं 17 अप्रैल को नतीजे भी घोषित कर दिए जाएंगे। इनमें 28 सीटों पर मतदान होगा, वहीं 2 सदस्यों को त्रिपुरा के राज्यपाल द्वारा नॉमिनेट किया जाता हैं।
त्रिपुरा चुनाव आयोग के मुताबिक, 9 लाख 60 हजार से अधिक मतदाता इस चुनाव में वोट देने योग्य हैं, जिनमें 4 लाख 82 हजार से अधिक पुरूष और 4 लाख 80 हजार से अधिक महिलाएं शामिल हैं। इन चुनावों में स्पष्ट बहुमत के लिए 15 सीटों की जरूरत होती है। पिछले चुनाव 2021 में हुए थे, जहां टिपरा मोथा पार्टी (TMP) ने 16 और भाजपा ने 9 सीटों पर जीत हासिल की थी। इन चुनावों के बाद पूर्ण चंद्र जमातिया को TTAADC का चीफ एग्जीक्यूटिव मेंबर (CEM) चुना गया था।
2026 के चुनावों पर नजर डालें, तो भाजपा और TMP एक बार फिर अलग-अलग लड़ रहे हैं। हालांकि दोनों पार्टियां राज्य सरकार में एक-दूसरे के साथ हैं। दोनों पार्टियों ने 28-28 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। इसके अलावा त्रिपुरा में एक समय पर मजबूत लेफ्ट फ्रंट ने भी अपने प्रत्याशी उतारे हैं। इनमें CPI(M) के 25, CPI का 1, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक (AIFB) का 1 और रिवॉल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP) का 1 कैंडिडेट शामिल है। अन्य दलों में कांग्रेस ने 28 और इंडिजिनस पीपल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (IPFT) ने भी 26 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। जहां TMP का लक्ष्य अपनी सत्ता को कायम रखना होगा, वहीं भाजपा भी इस बार अपनी सीटों में वृद्धि करना चाहेगी।
त्रिपुरा के सिपाहीजाला जिले में एक चुनावी रैली में, त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने पिछले 5 वर्षों के TMP शासन की आलोचना की और कहा कि भाजपा बहुमत हासिल करेगी। वहीं दशदा-कंचनपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए TMP के प्रमुख और त्रिपुरा के महाराज प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देब बर्मा ने कहा कि चुनावों में वोट डालते समय अगली पीढ़ी के भविष्य को ध्यान में रखें और जोर देकर कहा कि राज्य की ट्राइबल पॉलिटिक्स में अंततः "कम्युनिटी पावर" ही विजयी होगी।