उत्तराखंड के छात्रों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (UBSE) ने 25 अप्रैल को 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के रिजल्ट्स घोषित कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, इस साल 2.15 लाख छात्रों ने 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं दी थीं, जिनमें 1.12 लाख ने 10वीं और 1.02 लाख ने 12वीं की परीक्षा दी। ये परीक्षाएं 21 फरवरी से 20 मार्च के बीच आयोजित की गई थीं। 10वीं की बात करें, तो 92.10% छात्र उत्तीर्ण हुए, वहीं 12वीं में 85.11% छात्र पास हुए हैं।
12वीं के परीक्षा परिणामों में बेटियों ने कामयाबी का झंडा गाड़ा है। बागेश्वर की गीतिका और उधम सिंह नगर की सुशीला मेहंदीरत्ता ने 98% के साथ टॉप किया है। वहीं देहरादून के आर्यन ने 97.80% के साथ दूसरा स्थान हासिल किया है। थर्ड पोजीशन पर हरिद्वार की वंशिका रहीं, जिन्होंने 97% हासिल किए। 10वीं के रिजल्ट्स पर नजर डालें तो यहां टॉप-2 स्थानों पर बेटों ने बाजी मारी है। 10वीं में रामनगर के अक्षत गोपाल ने 98.20% के साथ पहला स्थान प्राप्त किया है। सेकंड पोजीशन पर उत्तरकाशी के इशांत कोठारी और नैनीताल की भूमिका रहीं, जिन्होंने 98.00% हासिल किए। तीसरे स्थान पर बागेश्वर के योगेश जोशी रहे, जिन्हें 97.80% हासिल हुए।
इस वर्ष 10वीं बोर्ड में 88.03% लड़के पास हुए, वहीं लड़कियों में पास परसेंटेज 96.07% रहा। वहीं 12वीं के परिणामों पर ध्यान दें, तो 81.93% लड़के और 88.09% लड़कियों ने 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस वर्ष के 10वीं और 12वीं के टॉपर्स से फोन पर बात की और उन्हें शुभकामनाएं दी।
उन्होंने X पर एक पोस्ट में लिखा कि, "उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में सफल हुए सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं। यह सफलता आपके निरंतर परिश्रम, अनुशासन और अटूट संकल्प का प्रमाण है। विश्वास है कि आप इसी लगन और आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार करते हुए जीवन में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे। जिन विद्यार्थियों को इस बार अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सका है, वे हतोत्साहित न हों। धैर्य, सकारात्मक सोच और सतत प्रयास के साथ आप निश्चित रूप से सफलता हासिल करेंगे।"