उत्तराखंड मंत्रिमंडल का हुआ विस्तार, 5 नए मंत्रियों ने ली शपथ

Highlights मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए अपनी कैबिनेट में 5 नए मंत्रियों को शामिल किया। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने इन सभी मंत्रियों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ लेने वाले मंत्रियों में मदन कौशिक और खजान दास जैसे अनुभवी लोगों के नाम भी शामिल है।

उत्तराखंड की राजनीति में पिछले कुछ समय से जिस बदलाव का इंतजार था, वह अंततः 20 फरवरी को पूरा हो गया है। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मंत्रिमंडल का विस्तार करते हुए अपनी कैबिनेट में 5 नए मंत्रियों को शामिल किया है। देहरादून के लोक भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) गुरमीत सिंह ने इन सभी मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ लेने वाले नए मंत्रियों में हरिद्वार से विधायक मदन कौशिक, राजपुर रोड सीट से विधायक खजान दास, रुद्रप्रयाग से बी. एस. चौधरी, रुड़की से प्रदीप बत्रा और भीमताल से राम सिंह कैड़ा के नाम शामिल हैं।

जानकारी के लिए बता दें कि मदन कौशिक 2002 से लगातार हरिद्वार सीट से विधायक हैं। इससे पहले वे पूर्व मुख्यमंत्री बी.सी. खंडूरी, रमेश पोखरियाल और त्रिवेंद्र सिंह रावत की कैबिनेट में भी मंत्री रह चुके हैं, जहां उन्होंने एक्साइज, पर्यटन, शहरी विकास और आवास जैसे प्रमुख मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली थी। मदन कौशिक उत्तराखंड सरकार के पूर्व प्रवक्ता और मार्च 2021 से जुलाई 2022 तक भाजपा-उत्तराखंड के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। बात करें खजान दास की, तो वे 2017 से राजपुर रोड से विधायक हैं और इससे पहले एक बार धनौल्टी से भी विधायक रह चुके हैं। खजान दास भी इससे पहले राज्य सरकार में मंत्री रह चुके हैं, जहां उन्होंने आपदा प्रबंधन, समाज कल्याण जैसे अहम मंत्रालयों का कार्यभार संभाला था।

उनके अलावा प्रदीप बत्रा भी 2012 से रुड़की से विधायक हैं। प्रदीप पहले कांग्रेस में थे और बाद में उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था। वहीं बी. एस. चौधरी 2017 से रुद्रप्रयाग से विधायक हैं और राम सिंह कैड़ा भी 2017 से ही भीमताल से विधायक हैं। दरअसल, पिछले कुछ समय से उत्तराखंड कैबिनेट में कुछ सीटें खाली चल रही थीं। बाद में पूर्व कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास के निधन और प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद रिक्तियों की संख्या और बढ़ गई थी। अब देखना यह होगा कि ये नए मंत्री अपनी जिम्मेदारियों को कितनी कुशलतापूर्वक संभालते हैं।

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