पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण में चुनाव को बस कुछ ही घंटे शेष बचे हैं। 29 अप्रैल को बची हुई 142 सीटों पर मतदान होगा। पहले चरण में 152 सीटों पर वोटिंग हुई थी और 91.78% वोटर टर्नआउट दर्ज किया गया था। कुछ ऐसे ही मतदान प्रतिशत की उम्मीद सेकंड फेज में भी की जा रही है। पहले चरण की वोटिंग के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) काफी आश्वस्त दिखाई दे रही है। हालांकि BJP को अपेक्षित सफलता तभी मिल सकती है, जब इस चरण में भी वोटर टर्नआउट स्ट्रॉंग हो और उनके पक्ष में वोट पड़ें। जिन 142 सीटों पर कल मत पड़ेंगे, उन्हें सत्ताधारी ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) का मुख्य गढ़ माना जाता है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 2021 में इन 142 सीटों में से 123 सीटें TMC को मिली थीं, वहीं BJP केवल 18 सीटों पर ही जीत हासिल कर सकी थीं। एक सीट इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) के खाते में गई थी। 2021 में भांगर विधानसभा सीट से ISF के पीरजादा मोहम्मद नौशाद सिद्दीकी ने विजय प्राप्त की थी। TMC द्वारा जीती गईं इन 123 सीटों में प्रमुख जिलों में कोलकाता की सभी 11 सीटें, हावड़ा की सभी 16 सीटें, हुगली की 18 में से 14 सीटें, उत्तर 24 परगना की 33 में से 28 और दक्षिण 24 परगना की 31 में से 30, नादिया की 17 में से 8 और पूर्व बर्धमान की सभी 16 सीटों पर TMC ने कब्जा जमाया था। इनमें हावड़ा, हुगली, नादिया, कोलकाता, उत्तर 24 परगना और पूर्व बर्धमान जैसे जिलों में सेंध लगाने से BJP को फायदा मिलने की संभावना है।
पहले चरण के बाद BJP 110 सीटें जीतने का दावा कर रही है। ऐसे में यदि दूसरे चरण में भी बम्पर वोटिंग हुई और BJP के पक्ष में पर्याप्त मतदान हुआ, तो प्रदेश में पहली बार उनकी सरकार बन सकती है। हालांकि इस फेज में पश्चिम बंगाल की कई महत्वपूर्ण सीटों पर वोटिंग होने जा रही है। जिनमें भवानीपुर, बालीगंज, जंगीपारा, हावड़ा मध्य, मध्यमग्राम, कोलकाता पोर्ट, दम दम, श्यामपुकुर और कृष्णानगर दक्षिण जैसी कई सीटें शामिल हैं। इन सभी विधानसभा क्षेत्रों पर प्रदेश के कई चर्चित नाम लगातार चुनाव जीतते हुए आ रहे हैं। दोनों ही चरणों के नतीजे 4 मई को सबके सामने आ जाएंगे। उसी दिन पता चलेगा कि इतनी मेहनत के बाद अंततः जीत का सेहरा किसके सिर पर सजेगा।