तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को होगी वोटिंग, चुनावी रणभूमि में उतरेंगे कई दिग्गज

Highlights तमिलनाडु में मुख्यमंत्री स्टालिन, ओ. पन्नीरसेल्वम, ई. के. पलानीस्वामी और एल. मुरूगन जैसे नेता चुनाव लड़ रहे है। पश्चिम बंगाल से चुनावी रण में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, सुवेंदु अधिकारी, अधीर रंजन चौधरी और दिलीप घोष उतरे है। इन दोनों राज्यों के परिणाम 4 मई को घोषित होंगे, ओपिनियन पोल्स में कांटें की टक्कर बताई जा रही है।

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में चुनाव नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गईं हैं। जहां तमिलनाडु में एक ही चरण में 23 अप्रैल को वोटिंग सम्पन्न हो जाएगी, वहीं पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होंगे। तमिलनाडु की 234 सीटों के लिए कुल 4023 उम्मीदवार मैदान में होंगे। भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा किए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद, तमिलनाडु में 5 करोड़ 63 लाख से अधिक पात्र मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

इनमें 2 करोड़ 77 लाख से अधिक पुरूष और 2 करोड़ 89 लाख से अधिक महिलाएं शामिल हैं। इस राज्य में बहुमत के लिए किसी भी दल या गठबंधन को कम से कम 118 सीटों की आवश्यकता होगी। इन चुनावों के मुख्य प्रत्याशियों पर नजर डालें, तो इनमें तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन, उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन, ओ. पन्नीरसेल्वम, ई. के. पलानीस्वामी, सुंदर सी., पी. टी. राजन, एम. आर. गांधी, तमिलिसाई सौंदरराजन, वनती श्रीनिवासन जैसे नाम शामिल है।

294 सीटों वाले पश्चिम बंगाल की बात करें, तो यहां भी किसी पार्टी अथवा अलायन्स को बहुमत के लिए कम से कम 148 सीटों की जरूरत होगी। इन 294 सीटों पर 2926 उम्मीदवार चुनावी रण में उतरे हैं। SIR के बाद, पश्चिम बंगाल में 6 करोड़ 75 लाख से अधिक एलिजिबल लोग वोटिंग कर सकेंगे। SIR के बाद करीब 91 लाख वोटर्स के नाम हटाए गए हैं। पश्चिम बंगाल के मुख्य प्रत्याशियों की बात करें, तो इनमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, सुवेंदु अधिकारी, अधीर रंजन चौधरी, हुमायूं कबीर, दिलीप घोष, फिरहाद हकीम, रूपा गांगुली, अग्निमित्रा पॉल, स्वपन दासगुप्ता, अर्जुन सिंह, पवन सिंह, सुब्रत ठाकुर और भरत छेत्री जैसे नाम शामिल है।

इन दोनों राज्यों के परिणाम 4 मई को घोषित होंगे। ओपिनियन पोल्स के बात करें, तो दोनों ही राज्यों में प्रमुख दलों-गठबंधनों में मुकाबला नजदीकी ही दिखाई दे रहा है। असम, पुडुचेरी या केरल की तरह यहां पूर्वानुमान लगना थोड़ा कठिन है। फिलहाल कहा जा सकता है कि असली तस्वीर रिजल्ट्स के दिन ही साफ हो पाएगी।

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