पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भवानीपुर सीट से किया नामांकन, सुवेंदु अधिकारी देंगे चुनौती

Highlights मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पिछली तीन बार से भवानीपुर सीट से विधायक है। नॉमिनेशन के समय उनके साथ मंत्री फिरहाद हकीम समेत अन्य लोग भी उपस्थित थे। ECI द्वारा कहा गया है की पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव भय रहित और हिंसा रहित होकर ही रहेंगे।

पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को चुनाव होने हैं। इसी सिलसिले में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी ने आज भवानीपुर सीट से नामांकन कर दिया है। BJP ने इसी सीट से विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी को उनके सामने उतारा है। सुवेंदु अधिकारी भवानीपुर के अलावा नंदीग्राम सीट से भी चुनाव लड़ने वाले हैं। नॉमिनेशन के लिए TMC प्रमुख को कोलकाता में अपने आवास से सर्वे बिल्डिंग तक पैदल जाते हुए देखा गया। उनके साथ समर्थकों की भारी भीड़ और कैबिनेट मंत्री फिरहाद हकीम सहित कई लोग उपस्थित थे। बता दें कि ममता बनर्जी ने अपना पहला विधानसभा चुनाव इसी सीट से लड़ा था और वो 2011 से 2021 तक इसी सीट से राज्य की मुख्यमंत्री चुनी गईं थी। 2021 के चुनावों में उन्होंने नंदीग्राम से पर्चा भरा था, जहां वो सुवेंदु अधिकारी द्वारा 1,956 वोटों से पराजित हुईं थीं।

इस हार के बाद उन्होंने पुनः भवानीपुर का रूख किया। 2021 में इस सीट से विजयी हुए उम्मीदवार और TMC के बड़े ही वरिष्ठ नेता शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने इस्तीफा दिया और इस सीट पर उपचुनाव हुए, जहां ममता ने BJP प्रत्याशी प्रियंका टिबरेवाल को 58,835 वोटों के बड़े अंतर से हराया था। हालांकि 2026 में सुवेंदु अधिकारी उन्हें यहां से चुनौती दे रहे हैं, जिससे ये लड़ाई काफी रोचक हो चुकी है। नामांकन के बाद ममता बनर्जी ने कहा, "मैं सभी को अपनी शुभकामनाएँ, अपना धन्यवाद, अपना सलाम, अपना ‘जय जिनेंद्र’ और ‘सत श्री अकाल’ देती हूँ। आज, जब मैंने अपना नामांकन दाखिल किया, तो मैं यह कहना चाहती हूँ कि भवानीपुर सीट के साथ-साथ, हर क्षेत्र के लिए काम करूंगी। हम सरकार बनाएँगे।"

दूसरी ओर, TMC और भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के बीच का विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। TMC के सांसद और पार्टी प्रतिनिधि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) से मिलने के लिए दिल्ली स्थित निर्वाचन सदन पहुँच गए हैं। इनमें डेरेक ओ'ब्रायन, मेनका गुरुस्वामी, सागरिका घोष और साकेत गोखले शामिल थे।

इसके बाद डेरेक ओ'ब्रायन ने चुनाव आयोग पर हमला करते हुए कहा, "आज हम मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने गए थे। मीटिंग शुरू होने के 7 मिनट के अंदर ही उन्होंने हमसे कहा, 'निकल जाओ।' मीटिंग सुबह 10:02 बजे शुरू हुई और 10:07 बजे खत्म हो गई। जब हमने उनसे कहा कि आप अधिकारियों का तबादला कर रहे हैं, तो आप निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कैसे करवा पाएँगे? इस पर उन्होंने कहा, 'यहां से चले जाओ।' आज मैंने जो देखा, वह शर्मनाक है। मैं चुनाव आयुक्त को चुनौती देता हूँ कि आज जो कुछ भी हुआ, उसका वीडियो या ऑडियो जारी करें। हमारे एक साथी ने उन्हें इस बात पर बधाई दी कि वे भारत के एकमात्र ऐसे CEC हैं जिनके खिलाफ लोकसभा और राज्यसभा में उन्हें पद से हटाने के नोटिस दिए गए हैं।"

इस पर चुनाव आयोग की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। ECI अधिकारी का कहना है कि CEC द्वारा डेरेक ओ'ब्रायन से आयोग के कक्ष में मर्यादा बनाए रखने का आग्रह किया था। साथ ही चिल्लाने और अभद्र व्यवहार पर भी आपत्ति जताई गई थी। ECI द्वारा X पर एक पोस्ट भी जारी की गई है, जिसमें TMC का उल्लेख कर ये कहा गया है कि, पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव भय रहित, हिंसा रहित, धमकी रहित, प्रलोभन रहित, छापा रहित, बूथ एवं सोर्स जामिंग रहित होकर ही रहेंगे।

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