मणिपुर की राजनीति में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने वरिष्ठ नेता युमनाम खेमचंद सिंह (Yumnam Khemchand Singh) को मणिपुर विधायक दल का नेता चुन लिया गया है, जिससे उनका राज्य का अगला मुख्यमंत्री बनना तय माना जा रहा है। दिल्ली में हुई एक बैठक में उनके नाम पर सहमति बनी। ये फैसला राज्य में लगभग एक साल से लागू राष्ट्रपति शासन को हटाने की दिशा में एक अहम कदम है। युमनाम खेमचंद सिंह के साथ मणिपुर में दो उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है।
खबरों के मुताबिक, मणिपुर की पूर्व वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री नेमचा किपगेन (Nemcha Kipgen) को उपमुख्यमंत्री बनाया जा रहा है। खास बात ये है कि वो इस पद को ग्रहण करने वाली पहली महिला और कुकी-जो समुदाय की पहली नेता होंगी। नेमचा कांगपोकपी (Kangpokpi) विधानसभा क्षेत्र से वर्ष 2012 से विधायक हैं और 2017 से 2020 तक सामाजिक कल्याण एवं सहकारिता मंत्री भी रही चुकी हैं। इसके अलावा BJP के सहयोगी दल नागा पीपल्स फ्रंट (NPF) से भी लोसी डीखो (Losii Dikho) को भी उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना है। लोसी 2012 से माओ (Mao) विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। इस कदम को राज्य में विभिन्न समुदायों के बीच संतुलन बनाने और शांति स्थापित करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
युमनाम खेमचंद सिंह का मुख्यमंत्री बनना राज्य के लिए काफी अहम माना जा रहा है। वह 2017 से सिंगजामेई (Singjamei) विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और 2017 से 2022 तक मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इसके अलावा वे 2022 से 2025 तक नगरीय प्रशासन, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज और शिक्षा विभाग मंत्री के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उन्हें एक अनुभवी और शांत किस्म का नेता माना जाता है। फरवरी 2025 में मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह (N. Biren Singh) के इस्तीफे के बाद से राज्य में राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई थी, जिसे अब खेमचंद सिंह के नेतृत्व में सुधारने की उम्मीद की जा रही है।
राज्य में मई 2023 से चल रही जातीय हिंसा और तनाव के बीच खेमचंद सिंह को एक ऐसे चेहरे के तौर पर देखा जा रहा है, जो सबको साथ ले चल सकता है। उन्होंने पिछले साल दिसंबर में कुकी समुदाय के राहत शिविरों का दौरा भी किया था, जिसे एक सकारात्मक पहल माना गया था। अब मणिपुर सरकार और स्थानीय लोगों की प्राथमिकता राज्य में फिर से शांति बहाली और मणिपुर में विकास कार्यों को गति देना होगी।