कमजोरियों को ऐसे बनाएं ताकत !

कई लोग ऐसे होते है जो बिना किसी कारण के दूसरों की आलोचना करते हैं। लेकिन वह यह नहीं सोचते कि इसका परिणाम क्या होगा। हर व्यक्ति को दूसरों की अलोचना करने से बेहतर होता खुद को मजबूत करें। साथ ही अपने अंदर होने वाली कमियों को दूर कर आपना आत्मविश्वास बढ़ाए और अपने अंदर कुछ कर गुजरने की चाहत पैदा करें।

अगर आपको ऐसा लगता है कि आप में कोई अच्छाई नहीं है, तो कुछ दिन पूरे ध्यान के साथ अपनी रुचियों, आदतों, व्यवहार, बातचीत, प्रतिक्रिया आदि पर ध्यान दें, तो आपको जरूर पता चल जाएगा कि आप में कौन सी अच्छाई है।

कभी भी किसी परिस्थिति से ना घबराये। अगर आप किसी कार्य में असफल हो जाते हैं हताश होने की जगह पुन: पूरी शक्ति के साथ दोबारा से कार्य में लग जाएं। जब तक की आपको सफलता नहीं मिल जाए।
अक्सर यह देखने को मिलता है कि अधिकतर व्यक्ति छोटी सी सफलता मिलने पर बहुत खुश हो जाता है। इसकी वजह से हम अपने मुख्य लक्ष्य पर ध्यान केन्द्रित नहीं कर पाते। मुख्य लक्ष्य को आसान मानकर प्रयास बंद कर देते है। जिसकी वहज से अपने लक्ष्य में असफल हो जाते हैं।
जब तक आप पॉजिटीव नहीं सोचेंगे। तब तक ना तो आप किसी भी कार्य में सफल नहीं हो सकते है। पुरानी कहावत है मन के हारे हार है, मन के जीते जीत। इसलिए परिस्थितियां कितनी भी विकट हो। लेकिन अपने मनोबल को कभी भी कमजोर मत होने दो। क्योंकि यह माना जाता है कि हर असफलता के पीछे एक सफलता मिलती है।

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