बर्थडे स्पेशल गुलजार: ‘तेरे बिना जिन्दगी से कोई शिकवा तो नहीं…’

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बॉलीवुड हिंदी फिल्मो के चर्चित गीतकार व एक कवि, पटकथा लेखक, फ़िल्म निर्देशक तथा नाटककार भी है. आज गुलजार साहब का जन्मदिन है. गुलजार जिनका जन्म 18 अगस्त 1934 को पाकिस्तान के दीना में हुआ. ग़ुलज़ार नाम से प्रसिद्ध सम्पूर्ण सिंह कालरा जो के हिन्दी फिल्मों के एक प्रसिद्ध गीतकार भी हैं. इसके अतिरिक्त वे एक कवि, पटकथा लेखक, फ़िल्म निर्देशक तथा नाटककार हैं. उनकी रचनाए मुख्यतः हिन्दी, उर्दू तथा पंजाबी में हैं, परन्तु ब्रज भाषा, खङी बोली, मारवाड़ी और हरियाणवी में भी इन्होने रचनाये की. गुलजार को वर्ष 2002 में साहित्य अकादमी पुरस्कार और वर्ष 2004 में भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से भी सम्मानित किया जा चुका है. वर्ष 2009 में डैनी बॉयल निर्देशित फिल्म स्लम्डाग मिलियनेयर में उनके द्वारा लिखे गीत जय हो के लिये उन्हे सर्वश्रेष्ठ गीत का ऑस्कर पुरस्कार पुरस्कार मिल चुका है.

इसी गीत के लिये उन्हे ग्रैमी पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है. मुशायरों और महफिलों से मिली शोहरत तथा कामयाबी ने कभी मोटर मैकेनिक का काम करने वाले गुलजार को पिछले चार दशक में फिल्म जगत का एक अजीम शायर और गीतकार बना दिया है. संपूर्ण सिंह कालरा (गुलजार) को स्कूल के दिनों से ही शेरो-शायरी और वाद्य संगीत का शौक था. फिर बाद में राहुल देव बर्मन के संगीत निर्देशन में गीतकार के रूप में गुलजार की प्रतिभा निखरी और उन्होंने दर्शकों और श्रोताओं को मुसाफिर हूं यारो, परिचय, तेरे बिना जिन्दगी से कोई शिकवा तो नहीं, आंधी, घर जाएगी खुशबू, मेरा कुछ सामान, इजाजत, तुझसे नाराज नहीं जिन्दगी, मासूम, जैसे साहित्यिक अंदाज वाले गीत दिए. संजीव कुमार, जितेन्द्र और जया भादुड़ी के अभिनय को निखारने में गुलजार ने अहम भूमिका निभायी थी. गुलजार ने 1973 में अभिनेत्री राखी से शादी की. दोनों की एक बेटी भी है जिसका नाम मेघना गुलज़ार है जो के फिल्म निर्देशिका है.

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