यदि आप भी इंटरनेट का इस्तेमाल तो संभल जाये

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शुक्रवार को भारत समेत 150 देशों पर खतरनाक साइबर अटैक के बाद दुनिया अब इसके नुकसान को लेकर सहमी हुई है। सप्ताह के पहले कामकाजी दिन सोमवार को दफ्तर खुलने पर और भी मशीनों पर हमला हो सकता है। भारत की साइबर सिक्यूरिटी एजेंसी ने इंटरनेट यूजर्स को अलर्ट जारी कर फिरौती मांगने वाले ‘वानाक्राई’ वायरस से सावधान रहने को कहा है। कंप्यूटरों का डाटा या वर्क स्टेशन को लॉक कर देने वाला यह खतरनाक साइबर वायरस से दुनिया भर में दो लाख शिकार बना चुका है।

साइबर सिक्यूरिटी विशेषज्ञों ने कहा है कि कई देशों में कार फैक्टरियों, अस्पतालों, दुकानों और स्कूलों को कंप्यूटर लॉक कर फिरौती मांगने वाले इस वायरस का हमला तो धीमा पड़ गया है लेकिन यह खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। हमला अगर धीमा होगा भी तो थोड़ी देर के लिए ही।

यूरोपोल के डायरेक्टर रोब वेनराइटी ने आईटीवी से कहा कि यह हमला अपने आप में अनोखा है। रेंसमवेयर का इस्तेमाल एक खास तरह के साइबर कीड़े के साथ किया गया है। इसलिए कंप्यूटर खुद ब खुद संक्रमित हो रहे हैं। इसका खतरा बढ़ता जा रहा है।

वायरस की जद में आने वाले सिस्टम की तादाद बढ़ती जा रही है। सोमवार को जब लोग काम पर लौटेंगे तो और भी मशीनों पर हमले की आशंका है। भारत की कंप्यूटर इमरजेंसी रेस्पांस टीम यानी सीईआरटी-इन ने कहा रेड अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि रेंसमवेयर भारत में शिकार की तलाश में घूम रहा है। इसलिए सावधान रहने की जरूरत है।

साइबर सिक्यूरिटी विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर हमलावरों की ओर से मांगी जाने वाली फिरौती की रकम में इजाफा हो सकता है। अभी 300 बिटकॉइंस यानी 3.25 करोड़ रुपये मांगे गए हैं यह बढ़ कर 600 बिटकॉइंस भी हो सकती है। अब तक काफी कम लोगों ने फिरौती दी है। ज्यादातर लोग फिरौती देने से बच रहे हैं।

हमले को नाकाम करने की तैयारी

ब्रिटेन के रक्षा मंत्री ने बताया कि पीएम टेरेसा मे की सरकार इस समस्या से निपटने के लिए नेशनल हेल्थ सर्विस के सिस्टम को अपग्रेड करने में पांच करोड़ पौंड खर्च कर रही है। गौरतलब है कि साइबर हमले की पहली शिकार ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस ही बनी थी। सबसे ज्यादा खतरा विंडो एक्सपी पर चलने वाले सिस्टम को है।